दशरथ मांझी के बेटे भागीरथ मांझी (Bhagirath Manjhi) और उनके दामाद मिथुन मांझी (Mithun Manjhi) शुक्रवार को जेडीयू (JDU) में शामिल हो गए. माना जा रहा है कि जीतनराम मांझी (Jitanram Manjhi) की पार्टी हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के महागठबंधन से अलग होने की क्षतिपूर्ति के रूप में नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने पहले रत्नेश सदा (Ratnesh Sada) को मंत्री बनाया और अब भागीरथ मांझी और उनके दामाद मिथुन मांझी को पार्टी में आने की हरी झंडी दे दी. जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, मंत्री विजय चौधरी, संजय झा, सुमित सिंह, अशोक चौधरी और रत्नेश सदा की मौजूदगी में दोनों ने जेडीयू की सदस्यता ग्रहण की.इस मौके पर भागीरथ मांझी ने कहा, हमारे पिता को जो मान-सम्मान नीतीश कुमार ने दिया, हमलोग उनके साथ शुरू से हैं और उनके साथ चलेंगे. मिथुन मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार ने जीतनराम मांझी को सीएम बनने का काम किया. हमारे समाज को सम्मान देने का काम किया. बिहार सरकार के नवनियुक्त मंत्री रत्नेश सदा ने कहा, 25 दिसंबर 2008 में मुसहर का मैंने बड़ा सम्मेलन किया था, जिसमें 5 लाख लोग जुटे थे. तीन टर्म से में विधायक हूं. मैंने नीतीश कुमार से अपील की थी और नीतीश कुमार ने महादलित को सम्मान दिया. महादलित समाज के लोगों को मुखिया, सरपंच और जिला परिषद बनाने का काम नीतीश कुमार ने किया. जीतनराम मांझी को नीतीश कुमार ने विधायक से लेकर सीएम बनाया. आज नीतीश कुमार के कारण ही जीतनराम मांझी के बेटे मंत्री बने. कर्म के आधार पर मुझे लोग जानते हैं. मांझी के बेटे होने के कारण संतोष सुमन को लोग जानते हैं. मेरे पीछे नीतीश कुमार हैं. 2024 में हम उनको नाकों चने चबवा देंगे.
बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि महादलित परिवार में पैदा होकर ही महादलित का कल्याण करें, ये जरूरी नहीं हैं. जिसकी हैसियत सीएम बनने की भी नहीं थी, नीतीश कुमार ने उन्हे सीएम बनाया. नीतीश कुमार ने महादलित समाज का नहीं होते हुए भी महादलितों के लिए बड़ा काम किया.जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा, भागीरथ मांझी अपने समाज को आगे बढ़ाने का काम करेंगे. जिस आशा और विश्वास के साथ दशरथ मांझी जी के बेटे हमारे साथ आए हैं, पार्टी उनके मान-सम्मान का ख्याल रखेगी. रत्नेश सदा समाज को दशा-दिशा देने का काम कर रहे हैं. नीतीश कुमार ने इन्हें अवसर दिया हैं.जेडीयू पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि देश की लड़ाई इतिहास बचाने के लिए हो रही है. नीतीश कुमार के नेतृत्व में पार्टी इतिहास बचाने की कोशिश में लगी हैं. दशरथ मांझी को नीतीश कुमार ने ही सम्मानित किया. उनकी स्मृति को जिंदा रखने के लिए कई काम किया. नीतीश कुमार ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े आदमी के लिए काम किया हैं.