चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि तत्काल प्रभाव से बिना डॉक्टर की पर्ची के किसी भी कफ सिरप या नशीली दवा की बिक्री बंद की जाए।
यह निर्देश उस जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। राज्य में खासकर स्कूली बच्चों के बीच कफ सीरप के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया गया था। याचिकाकर्ता सुनील कुमार महतो की ओर से कहा गया कि झारखण्ड में खांसी की दवाएं खुलेआम बेची जा रही है, जिससे नशे की आदत तेजी से फैल रही हैं।
याचिका में धनबाद में भारी मात्रा में बरामद हुए कफ सिरप का भी जिक्र किया गया, जिसकी जांच स्थानीय पुलिस से लेकर सीआईडी को सौंप दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अदालत ने इस मामले पर भी चिंता जताई हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 12 दिसंबर को निर्धारित की गई हैं।
.jpg)