किशनगंज से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने दो महीने से लापता शिक्षक के शव को गड्डे से बरामद किया है. शव की पहचान दिघलबैंक थाना क्षेत्र के सतकौआ पंचायत के हल्दाबन गांव निवासी महबूब आलम के रूप में की गई है. महबूब आलम प्राथमिक विद्यालय हल्दा बनगांव में तालीमी मरकज शिक्षक के रूप में कार्यरत थे. मिली जानकारी के अनुसार, शिक्षक महबूब आलम 21 सितंबर 2025 को रहस्यमय तरीके से लापता हो गए थे.
जब उनका कोई सुराग नहीं मिला तो उनकी पत्नी ने 24 दिनों के बाद यानी 14 अक्टूबर 2025 को दिघलबैंक थाना में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी. मामले की छानबीन के बाद पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर एक व्यक्ति को हिरासत में लिया. जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो फिर जाकर पूरे मामले का पर्दाफाश हो पाया. उसके निशानदेही पर धनतोला गांव से शव को मिट्टी से बाहर निकाला गया. महबूब आलम का शव लगभग दो महीने बाद बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई.
मौके पर पहुचे अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मंगलेश कुमार ने बताया कि मृतक शिक्षक की हत्या करने के आरोप में अब तक तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है. उन्होंने कहा कि इस घटना में मृतक की पत्नी और ससुराल पक्ष के कुछ सदस्य भी संदेह के दायरे में है. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी अपराध में शामिल पाए जाएंगे, उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी.
