मुंगेर में एक युवक ने किसी दूसरे व्यक्ति को आर्म्स एक्ट के झूठे मामले में फंसाने की साजिश रची, लेकिन खुद ही अपने जाल में फंस गया. पिस्तौल और कारतूस लेकर धरहरा थाना पहुंचने पर उसने जो कहानी सुनाई, वह पुलिस की शुरुआती जांच में ही झूठी साबित हो गई. पूछताछ में साजिश का खुलासा होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. बरामद हथियार के स्रोत और साजिश के अन्य पहलुओं की भी जांच शुरू कर दी गई है.
पिस्तौल और कारतूस लेकर धरहरा थाना पहुंचा ललन
बता दें कि धरहरा थाना क्षेत्र के औड़ाबगीचा निवासी ललन यादव शनिवार (25 जुलाई) सुबह करीब नौ बजे एक पिस्तौल और दो कारतूस लेकर धरहरा थाना पहुंचा. एसडीपीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि युवक ने पुलिस के समक्ष दावा किया कि गांव के ही राजा यादव उसे जान से मारने की नीयत से हथियार लेकर आए थे. उसने बताया कि धक्का-मुक्की के दौरान उसने राजा यादव से पिस्तौल छीन ली और उसे लेकर सीधे थाना पहुंच गया. युवक के बयान पर पुलिस को शुरुआत से ही संदेह हुआ. थानाध्यक्ष सोनू कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की और युवक से अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ की. पूछताछ के दौरान उसके बयान में कई विरोधाभास सामने आए. इसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की तो पूरी कहानी झूठी निकली.
झूठे आर्म्स एक्ट के मामले में फंसाने की योजना
जांच में खुलासा हुआ कि ललन यादव ने खुद पिस्तौल खरीदकर राजा यादव को झूठे आर्म्स एक्ट के मामले में फंसाने की योजना बनाई थी. इसी उद्देश्य से वह हथियार लेकर थाना पहुंचा और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया. हालांकि, पुलिस की सतर्कता के कारण उसकी साजिश सफल नहीं हो सकी. सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने उसके कब्जे से एक पिस्तौल और दो कारतूस बरामद कर उसे गिरफ्तार कर लिया.
आरोपी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद हथियार कहां से खरीदा गया, इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं और आरोपी का आपराधिक इतिहास क्या रहा है. एसडीपीओ ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद पूरे घटनाक्रम का विस्तृत खुलासा किया जाएगा.
