ईडी ऑफिस में कुछ भी होता है तो इसकी जिम्मेदारी एसएसपी की होगी, रांची पुलिस के खिलाफ हाई कोर्ट सख्त

News Ranchi Mail
0

                                                                           


झारखंड हाई कोर्ट ने शुक्रवार सुबह हुई सुनवाई के बाद रांची पुलिस को बड़ा झटका दिया है. हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के खिलाफ रांची पुलिस की जांच को फिलहाल रोक दिया है. इसके अलावा हाई कोर्ट ने रांची पुलिस को सख्त संदेश दिया है कि अगर प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय में कुछ भी होता है तो इसकी सीधे जिम्मेदारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यानी एसएसपी की होगी. हाई कोर्ट ने इसके अलावा केंद्रीय सुरक्षा बलों सीआईएसएफ और बीएसएफ को प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय की सुरक्षा देखने का निर्देश भी दिया है.

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में गृह सचिव और प्राइवेट रिस्पॉडेंट को भी पार्टी बनाने का निर्देश दिया है. इस मामले में हाई कोर्ट ने 7 दिनों के अंदर राज्य सरकार से जवाब तलब भी किया है और साथ ही सीसीटीवी को प्रिजर्व करने के भी निर्देश दिए हैं.

एक दिन पहले गुरुवार सुबह 6 बजे रांची पुलिस की एक टीम सदर डीएसपी के नेतृत्व में रांची स्थित प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर पहुंच गई थी. उसके बाद प्रवर्तन निदेशालय की सुरक्षा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी सीआईएसएफ की एक टीम वहां कउतार दी गई थी. रांची पुलिस की इस कार्रवाई से सत्तापक्ष और विपक्ष आमने सामने आ गए थे. 

नेता विपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस मामले को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में ईडी के साथ हुए दुर्व्यवहार से जोड़ा था. इस पर झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से प्रतिकार करते हुए कहा गया था कि ईडी और चुनाव आयोग के खिलाफ कुछ भी होता है तो भारतीय जनता पार्टी बचाव में आकर खड़ी हो जाती है.

देर शाम प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में झारखंड हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. झारखंड हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए आज शुक्रवार की सुबह का समय मुकर्रर किया था. अब सुनवाई के बाद झारखंड हाई कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को जवाब देने को कहा है. वहीं प्रवर्तन निदेशालय की सुरक्षा की पूरी जवाबदेही एसएसपी पर डालते हुए वहां सीआईएसएफ और बीएसएफ की तैनाती करने को कहा है.

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !