पटना में NEET छात्रा की मौत के मामले में PMCH की मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद सनसनी फैल गई है. रिपोर्ट में डॉक्टरों ने यह स्पष्ट किया है कि यौन उत्पीड़न की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. इसी के बाद मामला और गंभीर हो गया और पटना पुलिस को पहली बार PMCH की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर सेकेंड ओपिनियन लेने का फैसला करना पड़ा. रिपोर्ट को उच्च स्तरीय जांच के लिए AIIMS भेजा गया है, ताकि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की निष्पक्ष पुष्टि हो सके.
सूत्रों के मुताबिक, जिस डॉक्टर ने पोस्टमॉर्टम किया है, उनका नाम पहले भी कई विवादों से जुड़ा रहा है. स्पेशल यूनिट की जांच में सामने आया है कि वे पहले दिल्ली के RLM अस्पताल में पोस्टेड थे, जहां पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर दिल्ली पुलिस से उनका विवाद हुआ था. बाद में उन्होंने वहां से नौकरी छोड़कर PMCH ज्वॉइन किया. बहादुरपुर थाना कांड संख्या 377/24 में भी उनके द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम पर सवाल उठे थे और FSL रिपोर्ट आने के बाद उन्हें अपनी टिप्पणी बदलनी पड़ी थी.
इन तमाम बिंदुओं को देखते हुए SIT बेहद सतर्कता बरत रही है. टीम ने अब तक सभी जरूरी ह्यूमन और टेक्निकल इनपुट जुटा लिए हैं. प्रारंभिक जांच में पटना के भीतर इस तरह की घटना की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन AIIMS की राय आने तक SIT किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहती. AIIMS से रिपोर्ट मिलते ही मामले का खुलासा किए जाने की संभावना है.
जांच का दायरा काफी व्यापक रखा गया है. SIT जहानाबाद से लेकर पटना तक छात्रा की गतिविधियों की जांच कर रही है. छात्रा की कॉपी, ट्रैवल हिस्ट्री, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और चैट्स की गहन पड़ताल की गई है, जिसमें कुछ अहम लीड भी मिली हैं. हालांकि, टीम का कहना है कि AIIMS के ओपिनियन के बिना किसी भी तरह का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी. उम्मीद जताई जा रही है कि एक से दो दिनों में सेकेंड ओपिनियन रिपोर्ट आ सकती है, जिसके बाद जांच की दिशा पूरी तरह साफ हो जाएगा.
इधर, अब तक की जांच में एसआईटी को टेक्निकल इनपुट के आधार पर बड़ी लीड मिली जिसके बाद मंगलवार के दिन भी एसआईटी में शामिल सदस्य चित्रगुप्तनगर थाना क्षेत्र के मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंचे, जहां हॉस्टल के तमाम कमरों की फिर से जांच की गई. 10 मिनट तक हॉस्टल के तमाम रूम की जांच की गई. जांच करने के बाद टीम के सभी सदस्य हॉस्टल के में गेट पर ताला लगाकर वापस चले गए. फिलहाल छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सेकंड ओपिनियन के लिए पटना एम्स भेजा गया है. पुलिस का मानना है कि रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और ज्यादा स्पष्ट होगी. फिलहाल पुलिस का दावा है कि SIT की जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है और जल्द ही पूरे मामले में ठोस और स्पष्ट खुलासा किया जाएगा.
