रांची के जाने-माने बिल्डर और व्यवसायी अनुराग सरावगी ने मेन रोड स्थित ब्लेयर अपार्टमेंट की छठी मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट से कूदकर आत्महत्या कर ली. इस घटना से न केवल इलाके में हड़कंप मच गया, बल्कि राजधानी के कारोबारी जगत में भी शोक की लहर दौड़ गई है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अनुराग सरावगी गुरुवार रात करीब 11 बजे अपार्टमेंट में अपने फ्लैट की बालकनी से नीचे कूद गए. ऊंचाई से गिरने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई. तेज आवाज सुनकर अपार्टमेंट के सुरक्षाकर्मी और स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर पहुंचे, जहां उनका शव पड़ा मिला. इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई.
ऊंची आवाज में कर रहे थे बात
बताया जा रहा है कि अनुराग गुरुवार (5 फरवरी) की रात घर पर अकेले थे. उनकी पत्नी और दोनों बच्चे किसी रिश्तेदार के यहां तमिलनाडु गए हैं. अपार्टमेंट में रहने वाले कुछ लोगों ने पुलिस को बताया है कि वह देर रात किसी से मोबाइल पर ऊंची आवाज में बात कर रहे थे. घटना की जानकारी मिलते ही हिंदपीढ़ी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी, कोतवाली डीएसपी समेत वरीय पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया है. साथ ही फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए. ऊंचाई से गिरने के कारण अनुराग का मोबाइल भी चकनाचूर हो गया, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है.
मेड ने पुलिस को क्या बताया?
इसी अपार्टमेंट के दूसरे फ्लैट में अनुराग के वृद्ध माता-पिता के अलावा एक मेड रहती है. मेड ने बताया है कि वह गुरुवार रात सिगरेट और लाइटर लेकर अपार्टमेंट के छठे तल्ले पर गए थे. इसके बाद उनके गिरने की जानकारी मिली. अनुराग सरावगी रांची के प्रतिष्ठित बिल्डर जोखीराम-दुर्गादत्त समूह के मैनेजिंग पार्टनर थे. उनकी कंपनी ने रांची में जेडी हाई स्ट्रीट मॉल और जेडी सिनेमाज जैसी प्रमुख व्यावसायिक परियोजनाओं का निर्माण किया है.
इसके अलावा गोवा में जेडी विला समेत कई प्रीमियम प्रॉपर्टीज भी उनके समूह द्वारा विकसित की गई हैं. उन्हें शहर के सफल और स्थापित उद्यमियों में गिना जाता था. फिलहाल पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी हुई है. घटनास्थल से किसी सुसाइड नोट की बरामदगी को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
पुलिस मृतक के परिजनों, परिचितों और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किसी वित्तीय दबाव, व्यापारिक घाटे, पारिवारिक विवाद या मानसिक तनाव से तो नहीं जूझ रहे थे. इसके साथ ही अपार्टमेंट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि घटना के समय की परिस्थितियों का स्पष्ट पता चल सके. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति साफ हो पाएगी.
