मोतिहारी में दो दिन पहले दिनदहाड़े एक युवक को पीटने का वीडियो वायरल हुआ था. पुलिस ने जब मामले की तहकीकात शुरू किया, तो चौंकाने वाला मामला सामने आया है. पूरा मामला पुलिस बनकर नोट डबलिंग और लोगों को ठगने वाले गिरोह से जुड़ा है. इस गिरोह में एक पूर्व सिपाही भी है, जो दारोगा की वर्दी पहनकर इस पूरे गिरोह में सक्रिय रूप से शामिल था.
दरअसल, सफदर इमाम नाम के व्यक्ति ने खुद के अपहरण की खबर पुलिस को दिया था. जब मामले की तहकीकात एसडीपीओ सदर जितेश पांडेय ने शुरू किया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ. मामला नोट डबलिंग और पुलिस के भेष में ठगी करने के कारोबार से जुड़ा निकला. इस कारोबार में बकायदा एक बर्खास्त पुलिस जवान और दो रिटायर्ड होमगार्ड जवान कि संलिप्ता सामने आई.
पुलिस ने अपहृत सफदर इमाम से अपहरण के बार मे पूछताछ किया. इस पूछताछ में सफदर ने अपहरण कर रखे जाने जगह को दिखाने की बात कही. सफदर के साथ पुलिस कुड़िया गांव पहुंचकर पंकज नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया. इस दौरान पंकज ने बताया कि सैलूलाह और अताउल्लाह से एक लाख रुपया नोट डबल के नाम पर लिया है.
वहीं, सैलूलाह को पुलिस ने पूछताछ किया, तो उसने बताया कि आरिफ नामक व्यक्ति 1 लाख के बदले 3 लाख नकली नोट देने का काम करता है. अलग अलग जगहों से पुलिस ने जाली नोट के करोबार और नकली पुलिस बनकर ठगने के अरोप में 5 लोगों को गिरफ्तार किया. इसमें एक बर्खास्त सिपाही और दो रिटायर्ड होमगार्ड के जवान शामिल हैं.
इस गिरोह का मास्टरमाइंड सफदर इमाम ही है, जो पैसे के लेन देन में झूठी अपहरण का केस करने पहले पिपरा कोठी फिर मुफ्फसिल थाने पहुंचा था. पुलिस ने छापेमारी करके 5 पुलिस की वर्दी, आईकार्ड, नगद रुपया, स्कॉर्पियो, बोलेरो गाड़ी समेत कई अन्य समान को बरामद किया है. जिसमें सिपाही से दारोगा तक के वर्दी शामिल है. ये लोग नकली पुलिस बनकर मोतिहारी, रक्सौल, कोटवा के साथ साथ दूसरे जिले हाजीपुर, सारण समेत कई जगह ऐसे ठगी के काम किए है और पुलिस के नाम पर पैसे लूटे है.
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