पश्चिमी चम्पारण जिले के बगहा में 14 साल पुराने चर्चित मनोज यादव हत्याकांड में एक्स आर्मी जवान मो. रविल को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. बगहा जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्र की अदालत ने इसे दोस्ती में दगाबाजी का मामला बताते हुए अभियुक्त मो. रविल उर्फ सोनू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. बता दें कि साल 2012 में पटखौली थाना क्षेत्र के सुखबन गांव के रहने वाले मनोज यादव को बीयर में सल्फास मिलाकर पिलाया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी. मृतक मनोज यादव और अभियुक्त मो. रविल उर्फ सोनू के बीच अच्छी जान-पहचान थी. इसी भरोसे का फायदा उठाकर मनोज को बीयर में सल्फास मिलाकर पिला दी गई थी. अदालत ने अभियुक्त पर एक लाख रुपये का अर्थदंड समेत धारा 328 के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.
एडीजे-4 की अदालत ने सेंटेंस ऑर्डर में यह भी स्पष्ट किया है कि अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोनों मामलों में दोषी जवान को तीन-तीन वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. सजा सुनाए जाने के बाद अभियुक्त को पुलिस अभिरक्षा में लेकर बगहा जेल भेज दिया गया है. इसकी जानकारी देते हुए सीविल कोर्ट बगहा के एपीपी मन्नु राव ने बताया कि वर्ष 2012 में दर्ज पटखौली थाना कांड संख्या 183/12 की सुनवाई लंबे समय तक चली. मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से कई गवाहों की गवाही कराई गई. अदालत ने गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, अनुसंधान से जुड़े साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने हत्या के आरोप को सिद्ध करने के लिए कई महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत किए. वहीं बचाव पक्ष ने भी अपने समर्थन में अनेक गवाहों को अदालत के समक्ष पेश किया.
दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को हत्या और विषैले पदार्थ के उपयोग से संबंधित आरोपों में दोषी करार दिया. सरकारी वकील मन्नू राव ने बताया की मामले में दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें और गवाह पेश किए. अदालत ने इन्ही गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर अपना फैसला सुनाया है. दोषी को उम्रकैद की सजा के फैसले पर पीड़ित परिवार ने संतोष जताया और इसे न्याय की जीत कहा है.
