भ्रष्टचार पर प्रहारः बांका में बिजली विभाग का सहायक इंजीनियर तो पूर्णिया में राजस्व कर्मचारी, रिश्वत लेते रंगे हाथ धराए

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 बिहार में भ्रष्टाचारी अधिकारी-कर्मचारियों पर शिकंजा कसता जा रहा है. विजिलेंस विभाग के अधिकारी काफी चौकन्ना हैं और भ्रष्टाचारियों की जरा सी जानकारी मिलते ही, उन्हें रंगे हाथों धर दबोचते हैं. पूर्णिया और बांका जिले में भी ऐसा ही हुआ. यहां दो सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचे गए. पूर्णिया के के. नगर प्रखंड कार्यालय में विजिलेंस की टीम ने राजस्व कर्मचारी रूपक कुमार को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. वहीं बांका के रजौन विद्युत अवर प्रमंडल के सहायक विद्युत अभियंता को निगरानी की टीम ने 20 हजार रुपये घुस लेते रंगे हाथ धर दबोचा.

जानकारी के मुताबिक, धोरैया थाना क्षेत्र के घसिया निवासी मनोज कुमार यादव पिता अनूप लाल यादव ने अपने घर में पहले से घरेलू कनेक्शन लिया हुआ था. वह अपने घरेलू कनेक्शन को कमर्शियल कराना चाहते थे. इस काम के लिए सहायक विद्युत अभियंता बिजेंद्र कुमार ने 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी. हालांकि, बाद में 30 हजार रुपये में डील फाइनल हुई थी. मनोज कुमार यादव इसमें से ही 20 हजार रुपये देने के लिए रजौन विद्युत अवर प्रमंडल कार्यालय आया हुआ था.

इसी बीच पटना से विजिलेंस डीएसपी सत्येंद्र राम ने अपने 10 सदस्य टीम के साथ घेराबंदी करते हुए रंगे हाथ 20,000 रुपया के साथ गिरफ्तार कर लिया. विद्युत एसडीओ बिजेंद्र कुमार को पकड़ने में विजिलेंस डीएसपी सत्येंद्र राम विजिलेंस पुलिस निरीक्षक राधेश्याम राम, पुलिस निरीक्षक अश्मित कुमार, अवर निरीक्षक शशिकांत सिंह, राहुल कुमार, रणधीर सिंह, पंकज कुमार सिंह सहित थे. पीड़ित मनोज कुमार यादव ने इसकी सूचना पहले ही विजिलेंस को दे दी थी. विजिलेंस डीएसपी सत्येंद्र राम ने रजौन थाना को मामले की जानकारी देते हुए विद्युत एसडीओ बिजेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर पटना लेकर चली गई है.

दूसरी ओर पूर्णिया के के. नगर प्रखंड कार्यालय में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी रूपक कुमार ने श्रीनगर प्रखंड के चनका पंचायत वार्ड संख्या-10 के निवासी उमेश कुमार महतो से दाखिल-खारिज (मोटेशन) के एक मामले को निपटाने के लिए 15 हजार रुपये की मांगे थे. हालांकि, बाद में 12 हजार रुपये में बात तय हुई थी. उमेश कुमार महतो ने इसकी शिकायत विजिलेंस विभाग को दी. जिसके बाद विजिलेंस टीम के अधिकारियों ने जाल बिछाया, जिसमें आरोपी राजस्व कर्मचारी रूपक कुमार फंस गया. उसे रिश्वत के 10 हजार रुपयों के साथ गिरफ्तार किया गया है.

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