बिहार के किशनगंज टाउन थाना क्षेत्र के डुमरिया भट्टा में सातवीं कक्षा की छात्रा की संदिग्ध मौत के विरोध में सोमवार रात मृतका के परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा. न्याय की मांग को लेकर लोगों ने सदर अस्पताल परिसर के पास आगजनी करते हुए अस्पताल के मुख्य द्वार पर धरना दे दिया. इस दौरान गांधी चौक और डे मार्केट के बीच की सड़क पूरी तरह जाम हो गई और आवागमन बाधित रहा.
परिजनों का आरोप है कि टाउन थाना में तैनात ASI सुधीर कुमार ने मामला दर्ज करने में टालमटोल की और पीड़ित परिवार के साथ दुर्व्यवहार किया. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के दौरान पुलिसकर्मी ने बदसलूकी की, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया.
वहीं, अस्पताल प्रशासन द्वारा पोस्टमार्टम अगले दिन सुबह कराने की बात कहे जाने पर भी प्रदर्शनकारी नाराज हो गए. लोगों ने संवेदनशील मामले को देखते हुए रात में ही पोस्टमार्टम कराने की मांग की. बाद में मौके पर पहुंचे SDM और SDPO ने लोगों को समझाकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई और मामले की जांच का आश्वासन दिया. इसके बाद आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई करने की बात कही गई, जिसके बाद लोगों का आक्रोश शांत हुआ और सड़क जाम समाप्त कराया गया.
घटना की पृष्ठभूमि में बताया जा रहा है कि डुमरिया भट्टा निवासी मनोज साह की 13 वर्षीय पुत्री 28 मई की शाम करीब 4 बजे घर से यह कहकर निकली थी कि वह पास के मैदान में टहलने जा रही है. देर रात तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. परिजनों ने टाउन थाने में उसकी सकुशल बरामदगी के लिए आवेदन दिया था. इसी बीच 1 जून को माझिया नदी के किनारे किशोरी का शव बरामद हुआ, जिससे इलाके में तनाव फैल गया.
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