रैपर बदलकर बांग्लादेश भेजी जाती थीं दवाएं, ड्रग किंगपिन नीरज का खुलासा; पुलिस एक्शन से ₹25 करोड़ का साम्राज्य चौपट

News Ranchi Mail
0

                                                                         


   

पटना पूर्वी इलाके में सूखे नशीले पदार्थों और अवैध दवाओं के व्यापार पर पुलिस की लगातार कार्रवाई के कारण ड्रग माफिया का नेटवर्क पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है. पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किए गए ड्रग सरगना नीरज ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उसके अनुसार, पुलिस की कार्रवाई के कारण अब तक लगभग ₹25 करोड़ का आर्थिक नुकसान हुआ है और वर्षों से खड़ा किया नेटवर्क पूरी तरह से खत्म हो गया है. पूर्वी SP परिचय कुमार ने बताया कि नीरज पिछले 25 वर्षों से इस अवैध व्यापार में सक्रिय रूप से शामिल था. पूछताछ में पता चला कि सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों से कर्मचारियों की मिलीभगत से दवाएं चुराई जाती थीं. इसके बाद इन दवाओं के रैपर और पैकेजिंग को बदलकर उन्हें नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में भेज दिया जाता था.

कोडीन-आधारित कफ सिरप की खेप बांग्लादेश तक
इतना ही नहीं, जांच में यह भी खुसाला हुआ है कि असम और नागालैंड सहित कई राज्यों को एंटी-स्नेक वेनम सीरम की सप्लाई की गई थी. हर वायल लगभग 1,500 रुपए की दर से बेची गई थी. इसके अलावा, कोडीन-आधारित कफ सिरप की खेप बांग्लादेश तक पहुंचाई गई थी. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैसे काम करता था और किन माध्यमों से खेप भेजी जाती थी. पूछताछ के दौरान नीरज ने कई ट्रांसपोर्ट कंपनियों के नाम भी बताए. इनमें जगदंबा ट्रांसपोर्ट, अमर ट्रांसपोर्ट, जय माता दी ट्रांसपोर्ट, ओम लॉजिस्टिक्स और न्यू श्री ट्रांसपोर्टर्स शामिल हैं. पुलिस ने इन सभी संस्थाओं को मामले में द्वितीयक आरोपी बनाया है और उनकी भूमिका की जांच अभी चल रही है. शुरुआती जांच से पता चला है कि अवैध दवाओं की खेप एक जगह से दूसरी जगह विशेष रूप से इन्हीं ट्रांसपोर्टरों के जरिए पहुंचाई जाती थी.

पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि नीरज का पूरा परिवार इस अवैध धंधे में शामिल था. इस धंधे से होने वाली कमाई उसके सबसे बड़े बेटे के बैंक खाते में जमा की जाती थी. इस बीच, ड्रग्स विभाग ने संबंधित लाइसेंस रद्द करके कार्रवाई की है. पटना में पुलिस की सख्ती और लगातार की जा रही कार्रवाई के कारण जब यह धंधा ठप हो गया, तो नीरज दिल्ली भाग गया था. वहां से लौटने के बाद, वह वैशाली में एक नया नेटवर्क खड़ा करने की तैयारी कर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसकी योजनाओं पर पानी फेर दिया. पुलिस सूत्रों की माने तो नीरज की गिरफ्तारी की खबर फैलने के कुछ ही समय बाद उसकी एक महिला मित्र उससे मिलने पहुंची, वह महिला काफ़ी परेशान लग रही थी. ऐसे में अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस अवैध धंधे में उसकी भी कोई भूमिका थी.

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !