रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार को राजधानी रांची की यातायात व्यवस्था का जमीनी हाल जानने के लिए बिना वीवीआईपी काफिले के आम नागरिक की तरह सड़कों पर निकले। मुख्यमंत्री अपने कांके रोड स्थित आवास से बिना किसी विशेष तामझाम के शहर का निरीक्षण करने निकले और विभिन्न क्षेत्रों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री शहर की ट्रैफिक व्यवस्था, आम लोगों की आवाजाही और सड़क पर मौजूद समस्याओं को देखते हुए कांटाटोली चौक पहुंचे। यहां उन्होंने यातायात की अव्यवस्थित स्थिति को करीब से देखा और मौके पर मौजूद अधिकारियों के प्रति नाराजगी जाहिर की।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री वाहन से उतरकर स्वयं स्थिति का निरीक्षण करने लगे। इस दौरान उन्होंने यातायात पुलिस अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से अवैध पार्किंग पर सख्ती बरतने, जाम की समस्या कम करने और आम लोगों को सुगम यातायात उपलब्ध कराने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने को कहा।
मुख्यमंत्री के इस औचक निरीक्षण की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। अधिकारियों ने शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तत्काल सक्रियता दिखाई। बिना कारकेड और पूर्व सूचना के मुख्यमंत्री के शहर भ्रमण ने प्रशासन को चौकन्ना कर दिया।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले भी कई बार बिना पूर्व सूचना के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा लेते रहे हैं। उनका मानना है कि सरकारी योजनाओं और व्यवस्थाओं का सही आकलन केवल फाइलों से नहीं, बल्कि सीधे जनता के बीच जाकर ही किया जा सकता है। इसी सोच के तहत मुख्यमंत्री एक बार फिर राजधानी की सड़कों पर उतरे और यातायात व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को करीब से समझने का प्रयास किया।
