भोजपुर में हुए भरत तिवारी के एनकाउंटर की आंच अब यूपी पहुंच चुकी है. इस एनकाउंटर के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने यूपी के मथुरा में कैंडल मार्च निकाला है. यहां जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विकास मार्केट स्थित गांधी प्रतिमा पर कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई. इस दौरान स्थानीय कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि भरत तिवारी सामाजिक सरोकारों से जुड़े युवा थे और विस्थापित परिवारों की समस्याओं को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने का कार्य कर रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए.
वहीं, इस मामले में बिहार पुलिस ने अपनी गलती मान ली है. बिहार के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) सुधांशु कुमार ने कहा कि शाहपुर पुलिस की ओर से बड़ी चूक हुई थी. उन्होंने बताया कि जब पहली बार शाहपुर थानाध्यक्ष अपनी टीम के साथ भरत तिवारी के घर पहुंचे थे, तब उसे सही तरीके से हैंडल नहीं किया जा सका. इसी लापरवाही को देखते हुए एक थानाध्यक्ष, दो सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई और दो सिपाहियों को निलंबित किया गया है.
एडीजी ने बताया कि इस मामले की संवेदनशीलता और बढ़ते राजनीतिक विवाद को देखते हुए राज्य सरकार ने इसकी न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है. एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है. मामले में दो FIR दर्ज की गई हैं और जांच की जिम्मेदारी शाहाबाद रेंज के डीआईजी को सौंपी गई है. एडीजी ने साफ कहा कि किसी को मार देना कोई उपलब्धि नहीं हो सकती है.
उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों के जीवन पर तत्काल खतरा उत्पन्न हो जाता है, तो आत्मरक्षा में बल प्रयोग किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में कानून पुलिस को सीमित अधिकार प्रदान करता है, लेकिन हर मुठभेड़ की जांच आवश्यक है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कार्रवाई कानूनी दायरे में हुई है. एडीजी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.
उधर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले में एक बार फिर से सीएम सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो न्याय के लिए लड़ रहा है, सम्राट सरकार उस पर गोलियां चला रही है. पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भरत तिवारी को शहीद का दर्जा देने और पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये देने की मांग की है.
