मुजफ्फरपुर में सरकारी राशन की दुकान में चल रहे शराब के धंधे का उत्पाद विभाग की टीम ने खुलासा किया. साथ ही 25 लाख रुपए की शराब की खेप को जब्त किया था. मौके से राशन दुकानदार (PDS) के पुत्र रविकर कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजे दिया था. उसके बाद आगे की कार्रवाई में उत्पाद विभाग की टीम जुट गई थी. वहीं, मामले सामने आते ही जिलाधिकारी कुमार गौरव ने एक्शन लिया और पीडीएस दुकानदार का लाइसेंस रद्द करने के लिए एसडीएम ईस्ट आनंद उत्सव को आदेश दिया है. दूसरी ओर जिलाधिकारी के आदेश पर उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम ने PDS दुकान का गोदाम को सील कर दिया है.
दरअसल, उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम को एक सूचना मिली की एक बंगाल नंबर डाक पार्सल वाले कंटेनर ट्रक से विदेशी शराब की खेप मुजफ्फरपुर जिले के मनियारी थाना क्षेत्र के समीप स्थित काजीइड़ा टोल टैक्स पर खड़ी है. उसके बाद उत्पाद विभाग की टीम ने मनियारी टॉल प्लाजा के समीप पहुंची और सूचना वाले कंटेनर की जांच किया, तो उसके अंदर विदेशी शराब के कुछ कार्टून रखा हुआ था. इसके बाद कंटेनर चालक से टीम ने सख्ती के साथ पूछताछ किया.
उत्पाद विभाग चालक के बताए हुए जगह सकरा थाना क्षेत्र के गोपालपुर वहनगरी गांव निवासी रविकर कुमार के मकान में चल रहे राशन दुकान के गोदाम में पहुंची. यहां पर विभाग को गोदाम के अंदर से 250 पेटी शराब की कार्टून को बरामद किया और मौके से रविकर कुमार को गिरफ्तार कर लिया. साथ ही पूर्वी चंपारण जिले के कोटवा का रहने वाला कंटेनर चालक समोल गिरी को भी गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार आरोपी रविकर कुमार काफी दिनों से शराब के एक बड़े सिंडिकेट में शामिल होकर राशन दुकान की आड़ में शराब का कारोबार कर रहा था. ग्रामीणों से बचने के लिए केंटनर ट्रक से शराब की खेप मांगा कर राशन वाले गोदाम में स्टॉक कर रखता और यहीं से बिक्री करता था. हालांकि, राशन की दुकान गिरफ्तार कारोबारी के मां के नाम से चलता है और जिस मकान से शराब बरामद हुआ है, उसी मकान में राशन दुकान भी चलता था. उत्पाद विभाग की टीम शराब की खेप को जब्त करते हुए आगे की कार्रवाई में जुट गई थी.
वहीं, पूरे मामले को लेकर जिलाधिकारी कुमार गौरव ने बताया कि राशन दुकान से शराब की बड़ी खेप बरामद होना एक गंभीर मामला है. इसलिए राशन दुकानदार के ऊपर कार्रवाई करते हुए उसके लाइसेंस को रद्द करने के लिए एसडीएम ईस्ट आनंद उत्सव को आदेश दिया गया है.
