बगहा में भारत-नेपाल सीमा पर सुस्ता के समीप विवाद एक बार फिर गहरा गया है. वर्षों से विवादित सुस्ता क्षेत्र में भूमि अतिक्रमण को लेकर एक बार फिर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है. दरअसल, विवादित जमीन पर निर्माण कार्य रोकने पहुंची सशस्त्र सीमा बल (SSB 21वीं बटालियन) की टीम का नेपाल के सुस्ता गांव के ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया. बात केवल विरोध तक सीमित नहीं रही, बल्कि लाठी-डंडे और पथराव की घटना के बाद भारी बवाल मच गया. इस घटना के बाद एसएसबी ने वाल्मीकिनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने करीब 200 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज कर जांच और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.
क्यों मचा बवाल?
इंडो-नेपाल सीमा पर स्थित विवादित सुस्ता क्षेत्र में गहराते इस मामले को लेकर एसएसबी रामपुरवा 'जी' कंपनी के सहायक कमांडेंट द्वारा वाल्मीकिनगर थानाध्यक्ष को एक शिकायत पत्र भेजा गया है. इसके मुताबिक, बीते 2 अगस्त 2026 को सूचना मिली थी कि विवादित क्षेत्र में अवैध निर्माण कार्य कराया जा रहा है. सूचना मिलने पर एसएसबी की गश्ती टीम मौके पर पहुंची और दोनों देशों के बीच पूर्व से लागू यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का हवाला देते हुए निर्माण कार्य रोकने की कोशिश की, जिसके बाद वहां बवाल मच गया.
निर्माण कार्य रोकने का विरोध
बताया जा रहा है कि बॉर्डर पर तैनात SSB 21वीं बटालियन की इस कार्रवाई के दौरान नेपाल के सुस्ता गांव से करीब 150-200 ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और निर्माण कार्य रोकने का विरोध करने लगे. इससे कुछ समय के लिए सीमा क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया था. हालांकि, एसएसबी जवानों ने संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं होने दी. इसके बावजूद ग्रामीणों द्वारा पथराव और लाठी-डंडों से हमले की कोशिश की गई, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
एसएसबी ने की कानूनी कार्रवाई की मांग
वाल्मीकिनगर थाने में दी गई अपनी शिकायत में एसएसबी ने कहा है कि सीमा विवाद से जुड़े इस क्षेत्र में पहले से यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश हैं. इसके बावजूद निर्माण कार्य और विरोध प्रदर्शन से सीमा क्षेत्र की शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है. इसी आधार पर एसएसबी ने कानूनी कार्रवाई की मांग की है. इस मामले में वाल्मीकिनगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि सुस्ता सीमा विवाद को लेकर एसएसबी से प्राप्त आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है. फिलहाल सीमा क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या तनाव की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो.
वाल्मीकिनगर थाने मामला दर्ज
बता दें कि 31 जुलाई को भारत-नेपाल के सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त बैठक में विवादित क्षेत्र में यथास्थिति बनाए रखने पर सहमति बनी थी. इसके बावजूद सुस्ता गांव के तकरीबन 150-200 लोगों ने लाठी-डंडे लेकर पथराव करना और गाली-गलौज कर विरोध जताना नियमसंगत नहीं है. इन अज्ञात लोगों पर वाल्मीकिनगर थाने में कांड संख्या 119/26 दर्ज करते हुए, SSB 21वीं बटालियन के उप कमांडेंट विशाल कुमार और मुख्य आरक्षी त्रिदेव प्रसाद समेत अन्य जवान एक्शन मोड में हैं और पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर कार्रवाई में जुटे हैं.
