झारखंड बीते कुछ दिनों से भयंकर शीतलहर की चपेट में है. कोहरा और पाला की वजह से विजिबिलिटी और तापमान दोनों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है. आज (सोमवार, 22 दिसंबर) की सुबह-सुबह राजधानी रांची समेत कई जिलों भयंकर कोहरा देखने को मिला. इसकी वजह से गाड़ियों की रफ्तार थम सी गई है. वहीं बर्फीली हवाओं का कहर भी लगातार जारी है. कुल्फी जमा देने वाली ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, नए साल मतलब जनवरी 2026 तक इसी तरह का मौसम देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग ने आज पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला और खूंटी जिलों को छोड़कर राज्य के अन्य 19 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है.
वहीं राजधानी रांची, गुमला, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा, धनबाद, पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जिले में भयंकर ठंड महसूस की जा रही है. मौसम विभाग की ओर से आज गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा और हजारीबाग जिले में घने कोहरे का 'ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया गया है. वहीं गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार और लोहरदगा के लिए ठंड का 'येलो’ अलर्ट जारी किया गया है. पिछले 24 घंटे में प्रदेश के ज्यादातर जिलों के अधिकतम तापमान में भी कमी आई है. रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, बीते 24 घंटे में राज्य के 9 जिलों में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम रिकॉर्ड हुआ है, जबकि ज्यादातर हिस्से में अधिकतम पारा 25 डिग्री से नीचे पहुंच गया है.
स्कूलों में शीतकालीन अवकाश की मांग
झारखंड में शीतलहर अपने चरम पर पहुंच गई है और कड़ाके की ठंड से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है. सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है. छोटे बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिससे उनके बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया है. ऐसे में राज्य सरकार और शिक्षा विभाग अब स्कूलों में अवकाश घोषित कर सकता है. बता दें कि राजधानी रांची में अब न्यूनतम तापमान 6 से 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. ऐसे में भी कुछ निजी स्कूलों का संचालन सुबह 7 बजे से किया जा रहा है. ठंड के कारण बच्चों को काफी परेशानी हो रही है.