कटिहार जिले के फलका थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. थाने में अनुबंध पर काम करने वाले चालक अमन कुमार ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर खुद को पुलिसकर्मी बताकर एक दुकानदार का अपहरण करने की कोशिश की. अमन कुमार और उसके साथियों ने प्रतिबंधित कोडीन सिरप बेचने का आरोप लगाकर दुकानदार को पहले डराने-धमकाने लगे और फिर उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाने लगे. लेकिन दुकानदार ने शोर मचाया तो गांव वाले इकट्ठा हो गए और तीन आरोपियों को पकड़ लिया, लेकिन एक आरोपी मौके से भाग निकला.
ये मामला मोरसंडा गांव की है, जहां दुकानदार मोहम्मद राहिल अपनी किराने की दुकान चला रहे थे. मोहम्मद राहिल ने बताया कि, 'शाम के समय एक कार में सवार चार लोग उनकी दुकान पर आए. दो लोग पहले उतरे और नाम-पता पूछने लगे, फिर बाकी दो भी आ गए. फिर वे गाली-गलौज करते हुए मुझे पकड़कर कार में ठूंसने लगे. फिर मैंने जोर से चिल्लाया तो आसपास के लोग दौड़कर आए और आरोपियों को घेर लिया, और इस अफरा-तफरी में एक आरोपी ब्रजेश कुमार भागने में कामयाब हो गया, लेकिन बाकी तीन को गांव वालों ने दबोच लिया.' पकड़े गए लोगों में अमन कुमार, छोटू कुमार और अमित कुमार राय शामिल हैं. अमन ने खुद को फलका थाने का चालक बताया.
जब गांव वालों ने आरोपियों से पूछताछ की तो पता चला कि ये लोग नकली पुलिस टीम बनाकर आए थे. उनके पास प्रतिबंधित कोडीन सिरप की बोतलें थीं, जिन्हें वे राहिल पर थोपकर उसे फंसाना चाहते थे. ये लोग उसे थाने ले जाने का बहाना बनाकर अपहरण कर अवैध वसूली करने की फिराक में थे. देर रात होने के बावजूद गांव वालों ने आरोपियों को पकड़े रखा और फलका थाने को सूचना दी. थाने से पुलिस बल मौके पर पहुंचा और तीनों को हिरासत में ले लिया. फलका थानाध्यक्ष रवि कुमार राय ने बताया कि पीड़ित राहिल के आवेदन पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. कांड संख्या 180/2025 के तहत अपहरण, अवैध वसूली और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं. तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की तैयारी चल रही है.
अमन कुमार थाने में वाहन चालक के रूप में अनुबंध पर तैनात था और उसने घर जाने के लिए छुट्टी ली थी. लेकिन छुट्टी का फायदा उठाकर उसने ये साजिश रची. पुलिस जांच में सामने आया कि ये लोग संगठित तरीके से काम कर रहे थे और शायद पहले भी ऐसी हरकतें कर चुके होंगे. थानाध्यक्ष ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि फरार आरोपी को भी पकड़ा जा सके. इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है और लोग अब पुलिस की वर्दी पर भी शक करने लगे हैं. पुलिस विभाग में अनुबंध पर काम करने वालों की जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
