हरियाणा के अंबाला कैंट में रुपये डबल करने के नाम पर हुई 1 करोड़ 90 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए समस्तीपुर भाजपा के पूर्व जिला प्रवक्ता पंकज कुमार लाल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. अंबाला पुलिस की टीम ने बिहार एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के सहयोग से मंगलवार की रात दलसिंहसराय समेत कई इलाकों में छापेमारी की. बुधवार सुबह दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के अजनौल स्थित आवास से पंकज कुमार लाल को उसके दो सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया गया. संयोग से उसी दिन पंकज कुमार लाल का जन्मदिन था और घर में तैयारी चल रही थी, तभी पुलिस ने दबिश दी.
जानकारी के अनुसार, पंजाब निवासी मिस्टर जोशी ने अंबाला कैंट जीआरपी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रुपये डबल करने और कर्ज की राशि पर भारी मुनाफा दिलाने के नाम पर उनसे 1 करोड़ 90 लाख रुपये लिए गए. बाद में रकम को डबल दिखाकर झांसा दिया गया और पूरी राशि की लूट कर ली गई. शिकायत के आधार पर जीआरपी थाना, अंबाला कैंट में प्राथमिकी दर्ज की गई. जांच के दौरान समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र निवासी पंकज कुमार लाल समेत अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर छापेमारी शुरू की.
अंबाला कैंट जीआरपी के एसएचओ इंस्पेक्टर हरीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम दलसिंहसराय पहुंची. बिहार एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर अजनौल वार्ड संख्या-7 स्थित पंकज कुमार लाल के आवास पर छापेमारी की गई. इस दौरान घर से करीब 6 लाख रुपये नकद, 20 से 30 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और एक इनोवा क्रिस्टा कार बरामद की गई. जब्त आभूषणों की शुद्धता की जांच स्थानीय बाजार की एक ज्वेलरी दुकान में कराई गई, जिसके बाद सभी सामान को कानूनी प्रक्रिया के तहत हरियाणा पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया.
गिरफ्तार आरोपियों में अजनौल निवासी कमलदेव लाल के पुत्र एवं भाजपा के पूर्व जिला प्रवक्ता पंकज कुमार लाल, जमुई जिले के झाझा निवासी कौशल कुमार और विभूतिपुर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर समरथा निवासी रजनीश कुमार शामिल हैं. तीनों को स्थानीय न्यायालय के आदेश पर ट्रांजिट रिमांड पर हरियाणा पुलिस के हवाले कर दिया गया है. वहीं इस मामले में पंजाब के हरिंद्र सिंह, दलसिंहसराय के प्रभात कुमार और अररिया के राहुल कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस को आशंका है कि यह मामला एक संगठित ठगी गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जिसके तार बिहार, हरियाणा और पंजाब सहित अन्य राज्यों तक फैले हो सकते हैं. पुलिस पूरे नेटवर्क, धन के स्रोत और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है.
