दावोस में सीएम हेमंत सोरेन का जलवा! मिला 'व्हाइट बैज' सम्मान, वैश्विक मंच पर चमका झारखंड का विजन 2050

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स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 के शिखर सम्मेलन में झारखंड ने निवेश और विकास की नई इबारत लिखी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य के पहले आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने वैश्विक मंच पर झारखंड को 'हरित औद्योगिक क्रांति' के केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया. इस यात्रा का सबसे बड़ा परिणाम टाटा स्टील के साथ हुआ 11,000 करोड़ रुपये का मेगा समझौता है, जो राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल देगा.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और टाटा स्टील के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में झारखंड में 'न्यू एज ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी' को लेकर ऐतिहासिक समझौता हुआ. टाटा स्टील ने राज्य में कुल 11,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है. इस निवेश को तीन मुख्य परियोजनाओं में विभाजित किया गया है.

7,000 करोड़ रुपये: हिरसाना ईज़ी एंड मेल्ट (HISARNA & EASyMelt) जैसी आधुनिक आयरनमेकिंग तकनीक के लिए.

1,500 करोड़ रुपये: एक अत्याधुनिक कॉम्बी मिल (Combi Mill) परियोजना के लिए.

2,600 करोड़ रुपये: टिनप्लेट विस्तार (Tinplate Expansion) परियोजना के लिए.
ये सभी परियोजनाएं नीदरलैंड और जर्मनी की उन्नत तकनीकों पर आधारित होंगी, जिससे झारखंड न केवल भारत बल्कि दुनिया में ग्रीन स्टील उत्पादन का अग्रणी केंद्र बनेगा.

मुख्यमंत्री को 'व्हाइट बैज' सम्मान से किया गया सम्मानित
विश्व आर्थिक मंच (WEF) ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूरदर्शी सोच और 'Growth in Harmony with Nature' के विजन को सम्मानित करते हुए उन्हें प्रतिष्ठित 'व्हाइट बैज' प्रदान किया. मुख्यमंत्री ने WEF के साथ एक औपचारिक सहयोग पत्र साझा किया, जो मुख्य रूप से तीन विषयों पर केंद्रित है: महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals), जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता संरक्षण. यह झारखंड के विजन 2050 की ओर एक मजबूत कदम है, जो वैश्विक समावेशी समाज की अवधारणा के साथ मेल खाता है.

मुख्यमंत्री की इस यात्रा के दौरान पिछले वर्ष की स्वीडन यात्रा के सुखद परिणाम भी सामने आए. स्वीडन की कंपनियों ने झारखंड में अर्बन ट्रांसपोर्ट (शहरी परिवहन) क्षेत्र में निवेश करने में गहरी रुचि दिखाई है. इसके लिए अप्रैल 2026 में स्वीडन और भारत के बीच एक विशेष 'राउंड टेबल मीटिंग' आयोजित की जाएगी. इसके अलावा, प्रसिद्ध कंपनी हिताची (Hitachi) ने राज्य में बिजली क्षेत्र, उच्च स्तरीय ग्रिडिंग और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अपना निवेश प्रस्ताव सौंपा है, जो राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा.

दावोस में मुख्यमंत्री ने 'वर्ल्ड विमेन लीडर्स फोरम' के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की. इस बैठक में झारखंड की हाशिए पर रहने वाली महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक नेतृत्व में सशक्त बनाने के लिए एक सहयोगात्मक ढांचे पर चर्चा हुई. फोरम ने झारखंड सरकार के साथ मिलकर महिला प्रतिनिधियों के लिए एक साझा और गैर-दलीय मंच बनाने का प्रस्ताव रखा है, जिसका उद्देश्य संवाद और क्षमता निर्माण के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना है.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड अब खनिज आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर एक आधुनिक और टिकाऊ औद्योगिक राज्य बनने की ओर अग्रसर है. टाटा स्टील के एमडी एवं सीईओ टी. वी. नरेंद्रन, हिताची इंडिया के क्षेत्रीय प्रमुख भारत कौशल और अन्य वैश्विक दिग्गजों की उपस्थिति में हुए ये समझौते राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर सृजित करेंगे. यह निवेश न केवल राज्य के आर्थिक ढांचे को मजबूती देगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को भी पूरा करेगा.

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