बेगूसराय में खैनी नहीं देने पर अपराधियों ने एक युवक को गोली मारकर हत्या कर दी है. इस हत्या के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है. घटना एफसीआई थाना क्षेत्र के बीहट की है. वही इस घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी के नेतृत्व में पहुंची पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुट गई. मृतक युवक की पहचान एफसीआई थाना क्षेत्र के नगर परिषद बीहट के वार्ड नंबर-29 इब्राहिमपुर टोला के रहने वाले अकलू महतो का पुत्र छोटू महतो के रूप में की गई है. बताया जा रहा है कि सोमवार की देर शाम चिंटू नाम के एक अपराधियों से छोटू से खैनी मांगने लगा. छोटू खानी देने से इनकार कर दिया. इससे अपराधी और छोटू के बीच बहस हो गई. इसी दौरान अपराधी ने छोटू की गोली मारकर हत्या कर दी.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छोटू महतो बरौनी रिफाइनरी में मजदूरी का काम करता था और शाम को घर के पास ही अंडा की दुकान भी चलाता है. सोमवार की देर शाम को वह (छोटू) अपने बच्चों के लिए बिस्किट खरीदने के लिए एक जनरल स्टोर पर पहुंचा था. इसी दौरान चिंटू नाम का एक स्मैकिया दुकान पर पहुंचा और छोटू से खैनी मांगा. खैनी नहीं देने पर दोनों में बहस हो गई, जिसमें चिंटू ने कमर से पिस्टल निकाल कर छोटू पर तान दिया और कहा कि खैनी नहीं दोगे तो मार देंगे. छोटू इस चीज को मजाक समझ रहा था और उसने खैनी नहीं दिया. दो बार धमकी देने के बाद चिंटू ने सामने से छाती पर गोली चला दी.
गोली लगते ही छोटू गिर पड़ा तो आसपास के लोग डर गए. गोली मारने वाला चिंटू भी डर गया और मौके पर ही पिस्टल छोड़कर फरार हो गया. घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और छोटू को बेगूसराय के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. गोली छाती में मारी गई है. मामले की जानकारी मिलते ही सदर-2 डीएसपी पंकज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और छानबीन चल रही है.और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है.
वहीं मृतक के पिता अकलू महतो ने बताया कि वह ई रिक्शा चला कर जीवन यापन करते हैं. बेटा छोटू राजमिस्त्री था, उसके बाद घर के नजदीक अंडा बेचता था. वह काम कर अपने करीब 2 साल की बेटी को गोद में लेकर बगल में ही दुकान पर बिस्किट खरीदने गया था. तभी बात-बात में चिंटू ने गोली मारकर हत्या कर दिया. काला रंग के छोटा पिस्टल से गोली मारा, घटनास्थल पर बहुत लोग थे. गोली मारने वाला चिंटू स्मगलर है और लगातार उसे गांव में मारपीट और गोलीबारी की घटना को अंजाम देते रहता था.
