झारखंड निकाय चुनाव का बिगुल फूंक दिया गया है. झारखंड राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने आज (मंगलवार, 27 जनवरी) दोपहर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके निकाय चुनावों की तारीखों का ऐलान किया. उन्होंने प्रदेश की सभी 48 निकाय के लिए मतदान की अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि 9 जनवरी से 4 फरवरी तक नामांकन की प्रक्रिया होगी. स्क्रुटनी की समीक्षा 5 फरवरी को होगी और 6 फरवरी तक कैंडिडेट अपना नाम वापस ले सकते हैं. 7 फरवरी को सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया जाएगा. इसके बाद 23 फरवरी को सभी नगर निकायों में वोट डाले जाएंगे और 27 फरवरी को मतगणना होगी.
राज्य निर्वाचन अधिकारी अलका तिवारी ने बताया कि मतदान ईवीएम नहीं बल्कि बैलेट पेपर से कराया जाएगा. निकाय चुनाव में एसआईआर रिपोर्ट को लागू नहीं किया जाएगा और अलावा पुरानी मतदाता सूची के आधार पर चुनाव होगा. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वार्ड आरक्षण की अधिसूचना पहले ही जारी हो चुकी है. एक चरण में ही सभी 48 निकायों में मतदान संपन्न कराया जाएगा. बता दें कि यह चुनाव शहरी विकास, स्वच्छता, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े जनप्रतिनिधियों का चयन करेगा. निकायों के माध्यम से शहरों की दिशा तय होगी. निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है. इसी के साथ सरकारी घोषणाओं, शिलान्यास कार्यक्रमों और नई योजनाओं की स्वीकृति पर प्रतिबंध लग गया है. राजनीतिक गतिविधियों, प्रचार-प्रसार और चुनावी खर्च पर राज्य निर्वाचन आयोग की सीधी निगरानी रहेगी.
उधर AIMIM ने भी झारखंड निकाय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. AIMIM के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर ने कहा कि AIMIM के एक्टिव होने से झारखंड के सियासी दलों की जमीन खिसकती नजर आ रही है. उन्होंने कहा कि झारखंड के जो भी राजनीतिक दल हैं, खासकर जो खुद को धर्मनिरपेक्ष पार्टी कहते हैं, हमारे एक्टिव होने से उन्हें उनकी राजनीतिक जमीन खिसकने का डर सता रहा है. मो. शाकिर ने कहा कि पूरे झारखंड में अपने संगठन को मजबूत करेंगे और आने वाले सभी चुनाव में हमारी भागीदारी होगी.
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