झारखंड निकाय चुनाव का ऐलान हो गया है. प्रदेश के सभी 48 निकायों में 23 फरवरी को वोट डाले जाएंहे और 27 फरवरी को नतीजे सामने आएंगे. राज्य निर्वाचन अधिकारी अलका तिवारी ने बताया कि निकाय चुनाव में मतदान ईवीएम से नहीं बल्कि बैलेट पेपर से कराया जाएगा. इसके अलावा पुरानी मतदाता सूची के आधार पर चुनाव होगा. इस चुनाव के लिए कुल 4304 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. कुल वोटर 43 लाख 33 हजार 574 वोट डालेंगे. जिसमें 25 लाख पुरुष, 21 लाख महिला और 144 थर्ड जेंडर के वोटर हैं. 9 जनवरी से 4 फरवरी तक नामांकन की प्रक्रिया होगी. स्क्रुटनी की समीक्षा 5 फरवरी को होगी और 6 फरवरी तक कैंडिडेट अपना नाम वापस ले सकते हैं. 7 फरवरी को सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया जाएगा.
निकाय चुनाव का बिगुल बजते ही सभी राजनीतिक दलों ने इसके लिए कमर कस ली है. राज्य की झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, आजसू और राजद के अलावा एक और दल है, जो सभी दलों के नेताओं की धड़कनें बढ़ा रहा है. वो दल है एआईएमआईएम और उसके नेता हैं असदुद्दीन ओवैसी. हाल ही में महाराष्ट्र में बीएमसी चुनावों में एआईएमआईएम ने शानदार प्रदर्शन किया है. एआईएमआईएम के दमदार प्रदर्शन की बदौलत कांग्रेस और महाविकास अघाड़ी के दलों का प्रदर्शन ठीक नहीं रहा है. महाराष्ट्र में विपक्ष का लुटिया डुबोने के बाद ओवैसी अब झारखंड पहुंच चुके हैं. उनके आने से INDIA ब्लॉक काफी टेंशन में है.
बता दें कि ओवैसी की पार्टी ने महाराष्ट्र महानगर पालिका चुनाव 2026 में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में अपनी राजनीतिक मौजूदगी को मजबूत कर लिया है. AIMIM ने 13 नगर निकायों में कुल 125 वार्डों में जीत दर्ज की, जो उसके पिछले प्रदर्शन की तुलना में काफी बेहतर मानी जा रही है. इसके अलावा BMC चुनाव में भी AIMIM उम्मीदवारों ने 8 वार्डों में जीत दर्ज की. कई नगर निगमों में तो AIMIM उम्मीदवारों ने समाजवादी पार्टी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विभिन्न गुटों को अलग-अलग वार्डों में पीछे छोड़ दिया था.
महाराष्ट्र में AIMIM के जबरदस्त प्रदर्शन के बाद झारखंड पर सभी की निगाहें टिकी हैं. इसको लेकर AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर ने कहा कि AIMIM के एक्टिव होने से झारखंड के सियासी दलों की जमीन खिसकती नजर आ रही है. वहीं इस मामले पर कांग्रेस की सोनल शांति ने कहा कि बीते 1 साल से वह निकाय चुनाव को लेकर लोगों के बीच थे और अब जब तारीखों की घोषणा हो गई है, तो एक रणनीति के तहत वह चुनाव मैदान में आ रहे हैं. कांग्रेस में बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पहले जितने भी निकाय और निगम में बीजेपी के लोग थे. उन्होंने उन निकायों की हालत बुरी कर दी है, इसीलिए इस बार हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है. जिस तरीके से राज्य सरकार बीते 6 वर्षों से अपना काम कर रही है, हमें उम्मीद है कि आने वाले निकाय चुनाव में भी हमें उनका पूरा समर्थन मिलेगा.
वहीं बीजेपी के अजय शाह ने कहा कि तमाम बहाने के बाद भी झारखंड हाई कोर्ट और भारतीय जनता पार्टी के आगे राज्य सरकार झुकी और आखिरकार चुनाव के तारीखों की घोषणा की गई. बीजेपी पर के प्रवक्ता अजय शाह ने कहा की जहां तक तैयारी की बात है तो बीजेपी के कार्यकर्ता 24 घंटे 365 दिन लोगों के बीच रहते हैं और किसी भी संघर्ष और चुनाव के लिए तैयार रहते हैं. वहीं उन्होंने भरोसा जताया है कि इस नगर निकाय चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत होगी क्योंकि विधानसभा चुनाव के दौरान जो भी निकाय या निगम रहे वहां पर भारतीय जनता पार्टी को बढ़त मिली है और वह बढ़त हम निकाय चुनाव में भी बरकरार रखेंगे. और महाराष्ट्र के मॉडल को दोहराते हुए झारखंड में हमारी जीत तय है.
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