बिहार के दरभंगा जिले में एटीएम फ्रॉड का एक नया और खतरनाक तरीका सामने आया है, जिसने लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. साइबर ठग अब एटीएम मशीनों में अपना मोबाइल नंबर चिपका देते हैं और जब कोई ग्राहक पैसे निकालने जाता है और उसका कार्ड मशीन में फंस जाता है, तो पीड़ित उस नंबर पर सहायता के लिए कॉल कर देता है. कॉल रिसीव करने वाला खुद को बैंक कर्मी बताकर पीड़ित को मशीन से दूर बुला लेता है, जबकि उसका सहयोगी उसी समय एटीएम के पास पहुंचकर खाते से पैसे निकाल लेता है.
ठग ने उड़ाए 33,500 रुपए
ऐसा ही मामला रविवार को बेला सुंदरपुर स्थित दुर्गा मंदिर के पास एचडीएफसी बैंक के एटीएम में सामने आया. यहां पैसा निकालने पहुंचे विमल कुमार सिंह का कार्ड मशीन में फंस गया. मदद के लिए उन्होंने मशीन में चिपके नंबर पर कॉल किया. कॉल रिसीव करने वाले ने उन्हें कैदराबाद पुराने बस स्टैंड के पास बुला लिया. पीड़ित जैसे ही वहां पहुंचे, उनके मोबाइल पर लगातार निकासी के मैसेज आने लगे. खाते से कुल 33,500 रुपए गायब हो चुके थे और जब तक वे वापस एटीएम पहुंचे, ठग फरार हो चुके थे.
ठग ने उड़ाए 33,500 रुपए
ऐसा ही मामला रविवार को बेला सुंदरपुर स्थित दुर्गा मंदिर के पास एचडीएफसी बैंक के एटीएम में सामने आया. यहां पैसा निकालने पहुंचे विमल कुमार सिंह का कार्ड मशीन में फंस गया. मदद के लिए उन्होंने मशीन में चिपके नंबर पर कॉल किया. कॉल रिसीव करने वाले ने उन्हें कैदराबाद पुराने बस स्टैंड के पास बुला लिया. पीड़ित जैसे ही वहां पहुंचे, उनके मोबाइल पर लगातार निकासी के मैसेज आने लगे. खाते से कुल 33,500 रुपए गायब हो चुके थे और जब तक वे वापस एटीएम पहुंचे, ठग फरार हो चुके थे.
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने मौके पर जाकर एटीएम के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू की है. साइबर ठगों की तलाश जारी है. पुलिस ने बताया कि इस तरह के मामलों में तुरंत बैंक या अधिकारी हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए और किसी भी अनजान नंबर पर कॉल करने से बचना चाहिए.
लोगों के लिए चेतावनी
पुलिस ने आम जनता से सावधानी बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि एटीएम कार्ड फंसने की स्थिति में किसी भी अनजान नंबर से संपर्क न करें. इसके बजाय बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन या शाखा अधिकारियों से तुरंत मदद लें. साथ ही, किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी गई है, ताकि साइबर ठगों को समय रहते पकड़ा जा सके.
