बिहार के नवादा जिले में उत्पाद विभाग ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की प्रतिबंधित कोडीन फॉस्फेट सिरप जब्त की है. यह कार्रवाई चितरकोली स्थित बिहार-झारखंड सीमावर्ती समेकित जांच चौकी पर की गई, जहां दो अलग-अलग ट्रकों से भारी मात्रा में कोडीन सिरप बरामद की गई. इस दौरान दो ट्रक चालकों को भी मौके से गिरफ्तार किया गया है. उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई से नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है.
पहले ट्रक से 14 हजार बोतल सिरप बरामद
उत्पाद बलों ने पहली खेप में ट्रक संख्या WB11L3377 को जांच के दौरान रोका. तलाशी लेने पर ट्रक से 140 कार्टूनों में बंद 14,000 पीस 100 एमएल कोडीन फॉस्फेट सिरप बरामद की गई. इस ट्रक के चालक की पहचान वैशाली जिले के कंचनपुर धनुषी गांव निवासी पिंटू राय (स्वर्गीय हरदयाल राय के पुत्र) के रूप में हुई, जिसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया. प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने तस्करी से जुड़े कई अहम सुराग दिए हैं.
आधे घंटे बाद दूसरी खेप भी पकड़ी गई
पहली जब्ती के करीब आधे घंटे बाद उत्पाद विभाग को दूसरी बड़ी सफलता मिली. जांच चौकी पर ट्रक संख्या WB19K2510 को रोका गया, जिसमें 120 कार्टूनों में 16,800 पीस कोडीन फॉस्फेट सिरप पाई गई. इस ट्रक के चालक झारखंड के मालदा जिले के मालदा गांव निवासी नरेश दास (ब्रह्मदेव दास के पुत्र) को भी गिरफ्तार कर लिया गया. दोनों ट्रकों से बरामद कुल कोडीन सिरप की मात्रा बेहद बड़ी बताई जा रही है.
बंगाल से पटना तक थी सप्लाई की योजना
जब्त की गई कोडीन फॉस्फेट सिरप बिहार में शराबबंदी के बाद नशे के लिए बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की जाती है. एक 100 एमएल बोतल की कीमत करीब 164 रुपये बताई जा रही है और इसका नशा 8 से 12 घंटे तक रहता है, जिससे यह शराब का सस्ता विकल्प बन गया है. गिरफ्तार चालकों ने बताया कि वे यह खेप पश्चिम बंगाल से लेकर चले थे और इसे पटना के कृष्णा नगर स्थित एक ट्रांसपोर्ट तक पहुंचाना था. उत्पाद विभाग अब पूरे नशा तस्करी नेटवर्क की गहराई से जांच में जुट गया है.
