झारखंड में फरवरी में एसआईआर की प्रक्रिया हो सकती है. एसआईआर को लेकर केंद्रीय निर्वाचन आयोग की टीम तैयारियों की जानकारी लेने 8 जनवरी को झारखंड पहुंचेगी. अब तक की तैयारियों के अनुसार, झारखंड में फरवरी में एसआईआर करवाया जा सकता है. झारखंड में 78% मतदाता सूची मैपिंग का काम पूरा हो चुका है, एसआईआर को लेकर बीएलओ हर घर तक गणना फार्म पहुंचाने का काम करेंगे तो वहीं एसआईआर को लेकर बयान बाजी भी देखने को मिल रही है.
झारखंड में भी SIR
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी शिव पूजन पाठक ने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन सिर्फ झारखंड नहीं पूरे देश भर की जरूरत है. भाजपा नेता शिवपूजन पाठक ने कहा कि अगले चरण में झारखंड में भी SIR होगा. जेनुइन मतदाता है उन्हें कोई दिक्कत नहीं, जो मतदान के लायक नहीं है, जिन्हें देश की नागरिकता नहीं है उन्हें हटाना पड़ेगा. जो यह नहीं चाहते हैं, वह स्पष्ट है कि घुसपैठियों को मतदाता बनाना चाहते हैं.
झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता विनोद कुमार पांडे का कहना है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की मंशा पर हम सवाल उठा रहे हैं. जिस तरीके से कई एक राज्यों में मतदाताओं के नाम काटे गए यह सवाल सिर्फ झामुमो नहीं बल्कि देशभर में उठ रहा है कि इसकी मंशा सही नहीं. हालांकि भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार को हम स्पष्ट कर रहे हैं कि ना हमें झारखंड को लेकर डर है ना ही झारखंड मुक्ति मोर्चा को डर है. लेकिन जो प्रक्रिया इस्तेमाल किया जा रहा है उसका विरोध कर रहे हैं.
मामले में झारखंड कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि झारखंड विधानसभा से हम लोगों ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है और इसके खिलाफ हम निगरानी रखते हुए बी एल ए भी बन चुके हैं जिनके माध्यम से हम लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देंगे. जिस तरीके से चुनाव आयोग केंद्र के इशारे पर मनमर्जी कर रहा है हम लोकतंत्र को जिंदा रखेंगे और एसएआर का विरोध भी होता रहेगा.
