बिहार के अररिया जिले में साइबर ठगी के एक बड़े और चौंकाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. साइबर थाना पुलिस और महलगांव थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पांच साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है, जो सरकारी दस्तावेजों से अंगूठे का निशान निकालकर रबड़ का नकली अंगूठा बनाते थे और फिंगर प्रिंट के जरिए आधार कार्ड से बिना ओटीपी के अवैध तरीके से ठगी को अंजाम देते थे. इस कार्रवाई में पुलिस ने ठगों के पास से 14 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, दो टैब, दो फिंगर स्कैनिंग डिवाइस, एक जियो राउटर, चार मोटरसाइकिल और दो कार बरामद की है.
गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी
इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक अंजनी कुमार ने दी. उन्होंने बताया कि साइबर थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि महलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम किसनपुर वार्ड नंबर 06 में विनोद मंडल के घर पर कुछ साइबर ठग इकट्ठा होकर आम जनता के बैंक खातों से अवैध रूप से पैसे निकाल रहे हैं. सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थाना थानाध्यक्ष रजिया सुल्ताना के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया.
घर के पिछले कमरे में चल रहा था ठगी का खेल
साइबर थाना और महलगांव थाना की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विनोद मंडल के घर पर छापेमारी की. छापेमारी के दौरान पुलिस ने घर के पिछले कमरे में छह लोगों को लैपटॉप, मोबाइल और फिंगर स्कैनिंग डिवाइस के साथ संदिग्ध अवस्था में पाया. पुलिस को देखते ही सभी आरोपी मौके से फरार होने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस बल की तत्परता से पांच संदिग्धों को मौके पर ही दबोच लिया गया.
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है. शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे. एसपी अंजनी कुमार ने कहा कि आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके.
