खबर समस्तीपुर से हैं, जहां SP अरविंद प्रताप सिंह ने 90 से अधिक पुलिस पदाधिकारियों के वेतन पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया है. दरअसल, समस्तीपुर जिले के कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार (8 जनवरी) को क्राइम मीटिंग का आयोजन किया गया था. इस दौरान वर्ष 2025 की वार्षिक अपराध और पुलिस की उपलब्धियों की समीक्षा की गई.
'जनता की सुरक्षा को दें सर्वोच्च प्राथमिकता'
एसपी ने 2025 में पुलिस द्वारा चलाये गये अभियानों, अपराध नियंत्रण की स्थिति, लंबित मामलों, वारंट-समन के निष्पादन और प्रमुख आपराधिक घटनाओं की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को साफ निर्देश देते हुए कहा कि अपराध नियंत्रण में सकारात्मक प्रगति को और मजबूत करें और जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें.
मुसरीघरारी और ताजपुर थानाध्यक्ष को लगाई फटकार
वहीं, क्राइम मीटिंग के दौरान SP अरविंद प्रताप सिंह ने अपराध नियंत्रण को लेकर सख्ती दिखाया. उन्होंने लंबित मामलों की समीक्षा की और 90 से अधिक पुलिस पदाधिकारियों के वेतन पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दे दिया हैं. इसमें कई थानाध्यक्षों के नाम भी शामिल है. वही, जहरीली शराब मामले को लेकर मुसरीघरारी थानाध्यक्ष और ताजपुर में पुलिस की पिटाई को लेकर ताजपुर थाना अध्यक्ष को फटकार भी लगा दी.
किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई
SP अरविंद प्रताप सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि आरोपितों की गिरफ्तारी में देरी न हो, अगर देरी होती है तो पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी. कानून-व्यवस्था, अनुसंधान और गिरफ्तारी जैसे मामलों में किसी भी स्तर पर शिथिलता अनदेखी नहीं की जाएगी.
