नीतीश शासन में बिहार में तेजी से अपराध का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है. यह जानकारी बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभागार में शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि जानकारी, हत्या में 8.3 फीसदी, डकैती में 26.90 प्रतिशत कम हुई घटनाएं, 2025 में 50 हजार अपराधी अधिक हुए गिरफ्तार है. प्रदेश में 2024 के मुकाबले 2025 में सभी तरह के संगीन अपराधों की संख्या में कमी आई है. पहली बार राज्य में डकैती की वार्षिक घटनाएं 200 से कम हुई है. वर्ष 2024 में जनवरी से दिसंबर तक डकैती की 238 वारदातें हुई थी, जो 2025 में घटकर 174 हो गई हैं. इसी तरह हत्या में 8.3 प्रतिशत, लूट में 21.10 प्रतिशत, दंगा में 21.50 प्रतिशत, रेप में 8.20 प्रतिशत, बैंक डकैती में 80 फीसदी और बैंक लूट की वारदातों में 62.50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. बेहतर और सशक्त पुलिसिंग की बदौलत के कारण ही अपराध में यह नियंत्रण हो पाया है. नतीजन 2024 की तुलना में 2025 में 50 हजार अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी की गई.
वर्दी में अपराध पर जीरो टॉलरेंस
डीजीपी ने किसी तरह से अपराध और अपराधियों से समझौता नहीं करने का सख्त संदेश देते हुए कहा कि पुलिस की वर्दी पहनकर भी अगर कोई अपराधियों की तरह काम करेगा या किसी घटना को अंजाम देगा, तो वे भी तत्काल प्रभाव से जेल जाएंगे और ऐसे लालची पदाधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी. हाल के दिनों में गयाजी, मेतिहारी, लालगंज (वैशाली), छपरा में पुलिस पदाधिकारियों या कर्मियों के स्तर से सामने आ गई कुछ आपराधिक वारदातों के खिलाफ सख्त नाराजगी जताते हुए डीजीपी ने कहा कि दोषी पाए जाने वाले पदाधिकारी सेवा से बर्खास्त होंगे. उन्होंने कहा कि जमीन विवाद में पुलिस की भूमिका शून्य होती है. जहां कोई आपराधिक वारदात होती है, तब इसकी भूमिका सामने आती है. सभी अंचल में प्रत्येक शनिवार को जमीन विवाद सुलझाने के लिए विशेष बैठक आयोजित करने का प्रावधान है. इसकी कार्रवाई को भू-समाधान पोर्टल पर अपलोड भी करना है. सभी जिलों को भू-माफिया को चिन्हित कर इनके खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है.
साइबर थानों में मानव बल की बढ़ेगी संख्या
डीजीपी ने कहा कि पुलिस साइबर अपराध पर नकेल कसने के लिए हर स्तर पर काम कर रही है. राज्य में साइबर थानों की संख्या तो फिलहाल नहीं बढ़ाई जाएगी, लेकिन यहां तैनात कर्मियों या मानव बल की संख्या में बढ़ोतरी की जाएगी. इसके साथ ही साइबर अपराधियों के खिलाफ भी बड़ी संख्या में कार्रवाई की जा रही है. साइबर अपराध को नियंत्रित करने के लिए एक अलग इकाई बनाई गई है. इसका नेतृत्व आईजी या एडीजी रैंक के अधिकारी करेंगे. जल्द ही इसका पटना में 6-7 मंजिला भवन भी बनाया जाएगा, जो साइबर अपराध नियंत्रण का कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनेगा. बिहार पुलिस के सोशल मीडिया एकाउंट पर फॉलोअर की संख्या अन्य सभी विभागों में सर्वाधिक है. पिछले एक वर्ष में फॉलोअर की संख्या में 6 लाख की बढ़ोतरी हुई है. डीजीपी ने कहा कि बिहार पुलिस सिम बॉक्स मामले का उजागर करने वाला पूरे देश में पहला राज्य है. आधार का डाटा लिक करने वाले आपराधिक गिरोह को पूर्णिया से गिरफ्तार किया गया.
गन फैक्ट्री पर व्यापक कार्रवाई
राज्य में आपराधिक नेटवर्क का सफाया करने के लिए इनके हथियार और कारतूस सप्लाई के नेटवर्क को ध्वस्त करने पर खासा फोकस किया जा रहा है. इसके मद्देनजर हाल में 20 हजार से अधिक कारतूस बरामद की गई है. दूसरे राज्य से आने वाली 7 हजार से अधिक गोली बरामद की गई है. इस मामले का पूरा नेटवर्क दूसरे राज्य से जुड़ा है. इस कारण इन दो मामलों को एनआईए को ट्रांसफर किया गया है. हाल मे एनआईए ने इस मामले में कई स्थानो पर छापेमारी भी की है. इस पूरे नेटवर्क को जड़ से समाप्त कर दिया जाएगा. ताकि अपराधियों तक गोली और कारतूस नहीं पहुंचे. उन्होंने कहा कि राज्यभर में 2025 में 74 मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया गया है, जो 2024 की तुलना में कहीं अधिक है. अवैध हथियारों की भी बड़ी संख्या में बरामदगी हुई है. 4 हजार 963 अवैध हथियार बरामद किए गए, जिसमें 54 रेगुलर आर्म्स शामिल हैं. 30 हजार से अधिक कारतूस पूरे वर्ष के दौरान बरामद की गई है.
महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध में आई कमी
हाल में राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो के स्तर से प्रकाशित 2023 के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध की दर 37.50 है, जो राष्ट्रीय औसत 66.20 है. पिछले वर्ष की तुलना में महिलाओं के खिलाफ अपराध में कमी आई है. राज्य के 855 थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं. थाना स्तर पर स्कूल या कॉलेज जाने वाली छात्राओं के सुरक्षा और संरक्षण के लिए अभया ब्रिगेड का गठन किया गया है. 28 जिलों में इनका गठन हो चुका है, जल्द ही सभी में ये गठित हो जाएंगी. प्रत्येक टीम में 1 महिला पुलिस के अधीन 3 सिपाही होते हैं. इन सिपाहियों में 2 महिला और 1 पुरुष सिपाही का होना अनिवार्य है.
मद्य निषेध में बड़ी गिरफ्तारी
डीजीपी ने कहा कि मद्य निषेध के मामले में 20225 में 2024 की तुलना में 3 फीसदी अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है. 2024 में 1 लाख 21 हजार 671 अपराधी गिरफ्तार किए गए थे. जबकि, 2025 में 1 लाख 25 हजार 456 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इसमें 76 हजार 731 पीने वाले शामिल हैं. 2025 के दौरान 17 लाख 39 हजार 976 देशी और 18 लाख 99 हजार 623 विदेशी शराब को जब्त किया गया है.
2025 से जुड़े जरूरी आंकड़े
- सम्मन का निष्पादन- 4,28,806
- वारंट का निष्पादन- 6,43,448
- इश्तिहार का निष्पादन- 74,090
- कुर्की का निष्पादन- 38,399
- नक्सलियों की गिरफ्तार- 134
