झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित झारखंड प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा–2025 के तहत पेपर–2 को लेकर अभ्यर्थियों में भारी भ्रम की स्थिति बन गई है. आयोग ने परीक्षा से ठीक एक दिन पहले, 18 जनवरी को शाम करीब 4 बजे अचानक आवश्यक सूचना जारी की, जिसमें बताया गया कि पेपर–2 की परीक्षा 19 जनवरी 2026 से 24 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी. इस सूचना के देर से जारी होने से राज्य भर के अभ्यर्थियों में नाराजगी देखी जा रही है.
अल्प सूचना से बढ़ी अभ्यर्थियों की परेशानी
अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा 19 जनवरी से शुरू होनी है, जबकि इसकी आधिकारिक जानकारी ठीक एक दिन पहले दी गई. राज्य के दूर-दराज़ जिलों से आने वाले उम्मीदवारों के लिए यह स्थिति बेहद कठिन हो गई है. खासकर छात्राओं ने सुरक्षा और यात्रा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है. कई अभ्यर्थियों का कहना है कि इतने कम समय में रांची या निर्धारित परीक्षा केंद्र तक पहुंच पाना लगभग असंभव है.
यात्रा व्यवस्था बनी सबसे बड़ी समस्या
अभ्यर्थियों के अनुसार, अचानक सूचना आने के कारण ट्रेन टिकट उपलब्ध नहीं हैं. बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों में पहले से ही भारी भीड़ है. होटल और ठहरने की व्यवस्था भी एक बड़ी चुनौती बन गई है. कई उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि आयोग को परीक्षा कार्यक्रम पहले ही जारी करना चाहिए था, ताकि अभ्यर्थी अपनी तैयारी और यात्रा की योजना समय पर बना सकें.
JSSC से परीक्षा तिथि पर पुनर्विचार की मांग
अभ्यर्थियों ने JSSC से पेपर–2 की परीक्षा तिथि पर पुनर्विचार करने या कम से कम परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव कर पर्याप्त समय देने की मांग की है. उनका कहना है कि इस तरह की अल्प सूचना न केवल मानसिक तनाव बढ़ाती है, बल्कि परीक्षा में शामिल होने के अधिकार को भी प्रभावित करती है. अब सभी की नजरें आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह अभ्यर्थियों की समस्याओं को कितनी गंभीरता से लेता है.
