पटना का चर्चित NEET छात्रा की मौत मामला अभी तक सुलझता हुआ नजर नहीं आ रहा है. इस कांड के 15 बीत चुके हैं लेकिन अभी तक यह नहीं पता चला कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा के साथ क्या हुआ था? मृतका के कपड़ों पर ह्यूमन स्पर्म मिलने के बाद पटना पुलिस के आत्महत्या वाले दावे की पोल तो खुल गई, लेकिन छात्रा के साथ दरिंदगी करने वाला शख्स अभी तक पहुंच से बाहर है. जानकारी के मुताबिक, अब DNA रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को पहचाना जाएगा. SIT की टीम ने अबतक परिजनों से लेकर कई संदिग्ध का ब्लड सैंपल जुटा लिया है. जानकारी के अनुसार, कुल 40 लोगों के सैंपल लिए जाएंगे और जीनोम सिक्वेंसिंग के जरिए मृतका के डीएनए के साथ उनका मिलान किया जाएगा. जिन लोगों का डीएनए मिलान हो गया, उन्हें ही आरोपी माना जाएगा.
FSL रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों पर ह्यूमन स्पर्म मिलने की बात सामने आने के बाद से यह तय हो गया कि उसका यौन शोषण किया गया था. जिसके बाद पुलिस का कहना है कि DNA रिपोर्ट आने के बाद मामले में अहम खुलासे हो सकते हैं. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, डीएनए जांच के लिए कुल 40 लोगों के ब्लड सैंपल लिए जाएंगे. यह प्रक्रिया मजिस्ट्रेट और एसआईटी टीम की मौजूदगी में पूरी की जाएगी. वहीं छात्रा के साथ हुई कथित दरिंदगी के मामले में जांच की कमान अब सीआईडी ने भी संभाल ली है. सीआईडी और एफएसएल की टीम भारी पुलिस बल के साथ शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया. टीम ने हॉस्टल के उस कमरे की बड़ी गहनता से जांच की, जहां लड़की बेहोश पाई गई थी.
दूसरी ओर मंगलवार (27 जनवरी) को डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात करके उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया. जिस पर छात्रा की मां ने उनसे साफ कह दिया कि हमें आश्वासन नहीं बल्कि कार्रवाई चाहिए. पीड़िता की मां ने कहा कि पुलिस के व्यवहार ने उन्हें तोड़ दिया है. वहीं छात्रा के पिता ने कहा कि उन्हें SIT जांच पर भरोसा नहीं है. एसआईटी जांच के नाम पर मामले को दबाने की कोशिश चल रही है. इससे वे बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं. जानकारी मिल रही है कि अब बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी इस पूरे मामले की खुद सीधे ही मॉनिटरिंग कर रहे हैं. उन्होंने पुलिस के उच्च अधिकारियों को जल्द से जल्द इस मामले का खुलासा करने के निर्देश दिए हैं.
