समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के आलमपुर वार्ड-10 स्थित एक झोंपड़ीनुमा घर में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर नकली अंग्रेजी शराब बनाने के धंधे का भंडाफोड़ किया. मौके से 9.375 लीटर तैयार नकली अंग्रेजी शराब बरामद की गई. इस मामले में तीन धंधेबाजों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि पूर्व में शराब तस्करी में संलिप्त चंद्रप्रकाश महतो अपने घर में सहयोगियों के साथ नकली शराब तैयार कर रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस बल ने छापेमारी की. पुलिस को देखते ही तीन लोग भागने लगे, जिन्हें खदेड़ कर पकड़ लिया गया.
उन्होंने बताया कि शराब तलाशी के दौरान झोंपड़ी से बोतलों में भरी 9.375 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई. साथ ही होम्योपैथिक दवा की बोतलें, प्लास्टिक के ढक्कन, शराब की बोतलों पर चिपकाने वाले रैपर, कागजी स्टीकर, एक सैमसंग मोबाइल फोन और सिम भी जब्त किया गया. इस मामले में पुअनि प्रकाश प्रसाद सिंह के बयान पर स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. मामले में कोदरिया वार्ड-2 निवासी भोला महतो के पुत्र सुमित कुमार, मुकेश कुमार के पुत्र राजू कुमार, आलमपुर वार्ड-10 निवासी चंद्रप्रकाश महतो समेत एक संदिग्ध मोबाइल नंबर धारक को आरोपी बनाया गया है.
पुलिस के अनुसार, मोबाइल में एक नंबर पर भेजे गए मैसेज के आधार पर फाइनेंसर की भूमिका की भी जांच की जा रही है. इसी मामले में अधिवक्ता रंजीत कुमार का नाम सामने आने से विवाद खड़ा हो गया है. स्थानीय लोगों में चर्चा है कि आरोपी के जब्त मोबाइल से अधिवक्ता के नंबर पर मैसेज भेजे जाने के बाद उन्हें प्रकरण में जोड़ने का प्रयास किया गया.
अधिवक्ता रंजीत कुमार ने आरोप लगाया है कि पुलिस की तरफ से छापेमारी के दौरान मोबाइल से मैसेज भेजकर उन्हें फंसाने की कोशिश की गई है. उन्होंने कहा कि पुलिस बल का टावर लोकेशन और सीडीआर निकलवाकर विधि सम्मत कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों और न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा.
रोसड़ा एसडीपीओ संजय कुमार सिन्हा ने कहा कि अधिवक्ता को फंसाने के आरोप को संज्ञान में लिया जा रहा है. एफआईआर में नाम लिए बिना उनके मोबाइल नंबर का उल्लेख होने की भी जांच की जा रही है. सत्यापन के बाद ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी. पुलिस ने तीनों नामजद आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है.
वहीं, होम्योपैथिक दवा से शराब बनाने को लेकर डॉ.रमेश गौरीश ने कहा कि होम्योपैथिक दवा से शराब बनती नहीं है, लेकिन इसका उपयोग स्मेल के लिए किया जा सकता है. अगर इसकी मात्रा अधिक होगी तो लोगों की जान चली जा सकती है. इसमें उपयोग होने वाले स्प्रिट को अवैध रूप से कारोबार के नियत से पश्चिम बंगाल से होता है, जो यहां दवा के लेवल लगाकर उसे लाया जाता है.
