भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत गुरुवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सिल्ली अंचल कार्यालय में बड़ी कार्रवाई करते हुए अमीन गणेश महतो को ₹8000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. यह कार्रवाई उस समय की गई जब वह जमीन की मापी से जुड़ी रिपोर्ट और नक्शा देने के एवज में शिकायतकर्ता से घूस ले रहा था. एसीबी की इस कार्रवाई से अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से आवेदक को रिपोर्ट देने के लिए टालमटोल कर रहा था और अंततः रिश्वत की मांग पर अड़ गया, जिसके बाद पीड़ित ने कानूनी रास्ता अपनाया.
शिकायत के बाद शुरू हुई गोपनीय जांच
एसीबी अधिकारियों के अनुसार दिल्ली थाना क्षेत्र के लोआदाग निवासी वासुदेव महतो ने गणेश महतो के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने 16 दिसंबर 2025 को जमीन की मापी के लिए ऑनलाइन आवेदन दिया था. 10 फरवरी को अमीन ने जमीन की मापी तो कर दी, लेकिन रिपोर्ट और नक्शा देने के नाम पर पैसे की मांग करने लगा.
रिश्वत नहीं देने का फैसला बना गिरफ्तारी की वजह
शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं थे. बार-बार पैसे की मांग से परेशान होकर उन्होंने एसीबी से संपर्क किया. ब्यूरो ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले पूरे प्रकरण की गोपनीय जांच कराई, जिसमें रिश्वत मांगने का आरोप सही पाया गया.
जाल बिछाकर रंगे हाथ किया गिरफ्तार
जांच में आरोप सही मिलने के बाद एसीबी की टीम ने योजना बनाकर छापेमारी की. तय योजना के तहत जैसे ही अमीन ने ₹8000 रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है. इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है.
