दानापुर के फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र में एक कोचिंग की छत से संदिग्ध परिस्थितियों में छात्रा की मौत मामले में अब बड़ा अपडेट सामने आ रहा है. इस मामले में 'हत्या' या 'आत्मघटना' के पेच को सुलझाने के लिए पुलिस अब साइंस का सहारा लेने वाली है. जानकारी के मुताबिक, 'हत्या या आत्महत्या' की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अब सभी संदिग्धों का नार्को टेस्ट और पॉलीग्राफी टेस्ट कराने की तैयारी कर रही है. पटना सिटी के एसपी ने इसकी पुष्टि की है.
नार्को टेस्ट की क्यों पड़ी जरूरत?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में संदिग्धों के बयानों में काफी विरोधाभास पाया गया है. जिससे पुलिस को संदेह है कि चश्मदीद या घटना के समय मौजूद संदिग्ध सच को छिपा रहे हैं. घटना वाले दिन क्या हुआ था? इसे जानने के लिए पुलिस ने अब सभी संदिग्धों का नार्को टेस्ट और पॉलीग्राफी टेस्ट कराने का निर्णय लिया है.
मंगलवार को हुआ क्राइम सीन रीक्रिएशन
इससे पहले पुलिस ने मंगलवार (17 फरवरी) को घटनास्थल पर जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट किया था. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वैज्ञानिक अनुसंधान की दृष्टि से विशेषज्ञों की राय के आधार पर मृतका के वजन के अनुपात में चार डमी तैयार किए गए थे. इनके माध्यम से घटनास्थल पर क्राइम सीन का रिक्रिएशन किया गया.
इस दौरान सभी चार डमी को एफएसएल की टीम के द्वारा अलग-अलग एंगल से नीचे गिराया गया. अब इसमें विशेषज्ञों की राय ली जाएगी कि उस वक्त क्या-क्या हालात रहे होंगे? जब इसकी रिपोर्ट सामने आएगी तो फिर आगे की जानकारी दी जाएगी. बता दें कि कोचिंग प्रबंधन इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि परिवार ने हत्या का आरोप लगाया है.
