मधेपुरा छात्रा मौत मामलाः 'मेरी बेटी की हत्या हुई है...', पीड़िता पिता ने पुलिस में दर्ज कराई FIR, उच्च स्तरीय जांच की मांग

News Ranchi Mail
0

                                                                        


मधेपुरा के बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में सिविल ब्रांच की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. बीती देर रात मृतका के पिता सहित अन्य परिजन मधेपुरा पहुंचे और सिंहेश्वर थाना में आवेदन देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. इस मामले में मृतका के पिता ने लिखित आवेदन में साफ तौर पर लिखा है कि उनकी बेटी की हत्या हुई है. उनका कहना है कि मेरी बेटी का किसी से कोई झगड़ा नहीं था और बीते दिन भी उससे फोन पर बहुत अच्छे से बातचीत हुई थी. उन्होंने बताया कि मेरी बेटी बिल्कुल सामान्य थी, कभी किसी परेशानी का जिक्र तक नहीं किया.

आवेदन देते समय पिता की आंखों से लगातार आंसू बहते रहे. उन्होंने कहा कि काफी अरमान से बेटी को पढ़ाया-लिखाया था. उम्मीद थी कि वही घर की माली हालत सुधारेगी, लेकिन बेटी बीच रास्ते में ही हम सबको छोड़ गई. गांव में वही अकेली थी जिसने इंजीनियरिंग में नामांकन लिया था. परिजनों का दर्द यहीं खत्म नहीं होता. मृतका के चाचा ने भावुक होते हुए कहा कि बेटी केवल पढ़ाई और आगे बढ़ने का सपना देखने वाली लड़की थी, वह आत्महत्या कर ही नहीं सकती. उन्होंने कहा कि छुट्टियों में भी जब वह घर आती थी तो उसका ज्यादातर समय किताबों के साथ ही गुजरता था. सबके साथ आदर से पेश आना, घर-परिवार में बेहतर व्यवहार करना उसकी आदत थी.

उन्होंने रुंधे हुए गले से कहा कि वह बहुत सपने लेकर मधेपुरा आई थी, कभी नहीं सोचा था कि ऐसा दिन देखना पड़ेगा. बता दें कि 2 फरवरी को संध्या करीब चार बजे बीपी मंडल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के गर्ल्स हॉस्टल में खुशबू कुमारी का शव उनके कमरे से संदिग्ध परिस्थिति में बरामद हुआ था, जिसके बाद से मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. 

फिलहाल पुलिस आवेदन के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है और हर पहलू से पड़ताल की जा रही है. परिजन दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और सच्चाई सामने लाने की मांग पर अड़े हुए हैं.
यह मामला सिर्फ एक छात्रा की मौत नहीं, बल्कि उन सपनों की भी मौत है जो एक बेटी अपने परिवार और अपने भविष्य के लिए संजोकर मधेपुरा आई.

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !