कटिहार जिले के कोलासी शिविर क्षेत्र से एक नाबालिग किशोरी के अपहरण के मामले में स्थानीय पुलिस की गंभीर लापरवाही और टालमटोल का मामला सामने आया है. आखिर में पुलिस अधीक्षक (SP) शिखर चौधरी के हस्तक्षेप के बाद कोढ़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसके बाद से आरोपी फरार बताया जा रहा है.
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित परिवार के अनुसार, घटना 24 जनवरी की है, जब उनकी नाबालिग बेटी का अपहरण कर लिया गया. 25 जनवरी को परिजनों ने कोलासी शिविर में लिखित आवेदन देकर अपहरण की जानकारी दी. 26 जनवरी को पुलिस ने अपहृता को बरामद कर परिजनों को तो सौंप दिया, लेकिन अपहरणकर्ताओं पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की. परिजनों का आरोप है कि पुलिस केस दर्ज करने के नाम पर टालमटोल करती रही.
पुलिस की कार्यप्रणाली पर आरोप
पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत का संदेह जताया है. उनका कहना है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी जांच की जिम्मेदारी उन्हीं अधिकारियों को दी गई है, जिनकी भूमिका पहले से ही संदिग्ध है. पीड़ित परिजन का कहना है कि हमें स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं था, इसलिए हमने एसपी साहब से गुहार लगाई और गृह मंत्रालय, डीआईजी व आईजी को ई-मेल भेजकर न्याय की मांग की है.
अब एसपी शिखर चौधरी के संज्ञान लेने के बाद अब मामला दर्ज हुआ है, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है. घटना के बाद से ही आरोपी पक्ष घर छोड़कर फरार है. इस मामले ने पुलिसिया कार्यशैली और महिला सुरक्षा के दावों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है.
