पटना के मनेर स्थित चितनवा गांव में बच्चों से जुड़े एक विवाद के चलते दो गुटों के बीच अचानक हिंसक झड़प हो गई. देखते ही देखते, यह मामूली कहा-सुनी एक भीषण टकराव में बदल गई, जिसके परिणामस्वरूप दोनों गुटों के बीच गोलीबारी और पत्थरबाजी शुरू हो गई. पत्थरबाजी के दौरान दर्जनों लोग, पुरुष और महिलाएं दोनों घायल हो गए, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई. हालांकि, पुलिस की मौजूदगी में भी गोलीबारी जारी रही. गनीमत रही कि गोलीबारी की इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ. पुलिस ने घटनास्थल से दो देसी पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस और गोली के सात खाली खोखे बरामद किए हैं और 25 लोगों को गिरफ्तार भी किया है.
दोनों तरफ से एक साथ गोलीबारी
घटना के संबंध में, नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) भानु प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस को मनेर में छितनवां पुल के पास दो गुटों के बीच पत्थरबाज़ी और गोलीबारी की सूचना मिली थी. इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, मनेर के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और उसे घटनास्थल पर भेजा गया. वहां पहुंचने पर, टीम ने देखा कि 50 से 60 लोगों की भीड़ पत्थरबाजी में लगी हुई थी और दोनों तरफ से एक साथ गोलीबारी हो रही थी. इस मामले में कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने कुल 25 लोगों को गिरफ्तार किया.
पुलिस ने 25 लोगों को किया गिरफ्तार
उन्होंने आगे बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में 16 पुरुष, 5 महिलाएं और 4 नाबालिग शामिल हैं. उनके कब्जे से पुलिस ने दो देसी पिस्तौल (कट्टे) और एक ज़िंदा कारतूस बरामद किया है, जबकि घटनास्थल से सात खाली कारतूस बरामद किए गए हैं. इस मामले के संबंध में केस दर्ज कर लिए गए हैं. बाद में पुलिस की जांच में पता चला कि यह विवाद बच्चों के बीच हुई कहासुनी से शुरू हुआ था, जो बाद में गाली-गलौज, पत्थरबाज़ी और गोलीबारी में तब्दील हो गया.
