राजधानी रांची में इन दिनों कमर्शियल गैस की कमी से रेस्टोरेंट व्यवसाय पर संकट गहराने लगा है. गैस आपूर्ति बाधित होने से शहर के कई रेस्टोरेंट संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. हालात ऐसे बन गए हैं कि रेस्टोरेंट संचालकों को ग्राहकों के ऑर्डर पूरे करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. झारखंड बार एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन का कहना है कि अगर जल्द ही कॉमर्शियल गैस की नियमित आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो आने वाले दो से चार दिनों में कई रेस्टोरेंट बंद होने की स्थिति में पहुंच सकते हैं. रांची में एलपीजी गैस सिलेंडर लेने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी हैं. लोग सुबह से ही लाइन में लग जा रहे हैं और अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि सरकार के द्वारा ₹60 बढ़ाए जाने के बाद भी एजेंसी ₹30 एक्स्ट्रा चार्ज कर रहे हैं.
गढ़वा डीसी ने दी शख्स चेतावनी
उधर, गढ़वा में मिडिल ईस्ट में हो रहे युद्ध के बीच पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की कमी को लेकर उठी अफवाह पर गढ़वा डीसी ने शख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि तीनों चीज का स्टॉक रखने वाले लोगों पर शख्त कार्रवाई की जाएगी. कई पेट्रोल पम्प पर इस स्थिति को देखते हुए एसडीएम ने जगह-जगह छापेमारी भी की, जिसके बाद कई पेट्रोल पम्प मालिकों में हड़कंप मच गया. इसे लेकर गढ़वा डीसी ने सख्त लहजे में कहा है कि मिडिल ईस्ट में युद्ध के चलते यह हालात बने हुए हैं, लेकिन इससे घबराने की बात नहीं है. देश में इन सभी चीजों का आठ हफ्ते का स्टॉक पड़ा हुआ है. ज्यादा पैनिक होने की जरूरत नहीं है, जो भी लोग पेट्रोल पम्प से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का स्टॉक रखेंगे, हम ऐसे लोगों को चिह्नित कर शख्त कार्रवाई करेंगे.
चतरा में एलपीजी गैस की कमी
वही, चतरा में एलपीजी गैस की कमी आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. स्थिति यह है कि कई घरों में गैस खत्म होने के बाद नया सिलेंडर नहीं मिल पाने से लोग होटल से खाना मंगाकर खाने को विवश हो गए हैं. गैस की कमी की चर्चा भर से ही लोगों में घबराहट का माहौल बन गया है. कई उपभोक्ता सिलेंडर की व्यवस्था करने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं और गैस के जुगाड़ में दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं. उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस एजेंसी संचालकों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कई एजेंसी के मोबाइल फोन बंद मिल रहे हैं, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है.
