मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में रांची में झारखंड कैबिनेट की बैठक हुई. कैबिनेट बैठक में विकास और जनहित से जुड़े 40 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक में फैसला लिया गया है कि राज्य के 23 जिलों में अत्याधुनिक लाइब्रेरी के निर्माण और पुस्तकों के लिए 276 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए. साथ ही रांची के एसएस मेमोरियल कॉलेज 48 करोड़ और चक्रधरपुर के जेएल कॉलेज 88 करोड़ के नए भवनों को प्रशासनिक स्वीकृति मिली.
झारखंड कैबिनेट की बैठक में मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना में संशोधन की स्वीकृति दी गई है. झारखंड में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग स्कूल की स्थापना के लिए राशि की स्वीकृति दी गई. अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग के छात्राओं के लिए 528 बेड वाले छात्रावास के निर्माण के लिए निर्माण का स्थल परिवर्तन और नए परिसर में निर्माण कार्य की स्वीकृति मिली है. साथ ही एनसीसी के कैडेट के प्रशिक्षण के दौरान नाश्ता भत्ता में बढ़ोतरी की स्वीकृति 10 से बढ़ा कर 25 रुपए किया गया है.
झारखंड कैबिनेट की बैठक के बाद कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने बताया कि भारत की जनगणना 2027 के तहत राज्य स्तरीय, जिला स्तरीय, नगर निगम में आउट सोर्सिंग कर्मियों के नियुक्ति की स्वीकृति मिली है. राजकीय विश्वविद्यालय और अंगीभूत महाविद्यालय में नियुक्ति में आरक्षण रोस्टर के पालन की मंजूरी मिली है. विदेश मंत्रालय की तरफ से प्रवासी गतिशीलता विधेयक को स्वीकृत किया गया है. शिशु देखभाल अवकाश के दौरान छुट्टी वेतन से जुड़े मामले की स्वीकृति पहले 365 दिन 100% वेतन, अगले साल 80% वेतन देय होगा.
उन्होंने आगे कहा कि सरकारी विद्यायल में एक से 8 के बच्चों को निःशुल्क बैग उपलब्ध कराने से जुड़े मामले में संशोधन को मंजूरी मिली है. नेतरहाट विद्यालय के शिक्षक और शिक्षेत्तर कर्मियों को 20% अधिक वेतन भुगतान की स्वीकृति मिली है. इसके आलावा पलामू रेलवे स्टेशन का नाम मेदिनीनगर करने को भी हरी झंडी मिली है. झारखंड सरकारी सेवक शिकायत निवारण नियमावली 2026 की स्वीकृति किया गया है.
कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने बताया कि नागर विभाग के तहत झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के तहत दुमका फ्लाइंग अकादमी में नामांकन में छात्रवृत्ति के लाभ से जुड़े मामले की स्वीकृति मिली है. राज्य के 23 जिलों में लाइब्रेरी निर्माण और पुस्तक खरीद के लिए कुल 276 करोड़ की स्वीकृति दी गई है. साथ ही मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक को चिकित्सा सुविधा प्रदान करने से जुड़े मामले की स्वीकृति, जो सेवा अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को मिलता है वही लागू होगा.
