रांची-राजधानी रांची में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने स्थिति की समीक्षा की। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी Manjunath Bhajantri के निर्देश पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी Kumar Rajat की अध्यक्षता में ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई।
बैठक में Indian Oil Corporation (IOCL), Hindustan Petroleum (HPCL) और Bharat Petroleum (BPCL) के क्षेत्रीय प्रबंधक (एलपीजी सेल्स), जिला आपूर्ति पदाधिकारी Ramgopal Pandey, CSC के जिला नोडल अधिकारी तथा जिले की विभिन्न गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक के दौरान हाल के दिनों में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में आई समस्याओं पर चर्चा की गई। कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि होली पर्व के दौरान सप्लाई चेन में अस्थायी व्यवधान के कारण कुछ समय के लिए गैस वितरण प्रभावित हुआ था। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि अब स्थिति सामान्य हो गई है और गैस की उपलब्धता पर्याप्त है।
प्रशासन ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे 14.2 किलोग्राम के घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग कम से कम 25 दिन पहले कर लें, ताकि समय पर डिलीवरी मिल सके। अधिकारियों के अनुसार सामान्य स्थिति में बुकिंग के बाद 2 से 3 दिनों के भीतर होम डिलीवरी की जा रही है।
बैठक में यह भी बताया गया कि यदि किसी उपभोक्ता का सिलेंडर 25 दिन की अवधि पूरी होने से पहले खत्म हो जाता है, तो उसे बिना बुकिंग के 5 किलोग्राम और 2 किलोग्राम के छोटे एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इसके लिए उपभोक्ताओं को संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क कर डोरस्टेप डिलीवरी की सुविधा लेने को कहा गया है।
जिला आपूर्ति पदाधिकारी रामगोपाल पांडेय ने कहा कि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए गैस कंपनियों और एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। एजेंसियों से छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की भी जानकारी ली गई है।
प्रशासन ने गैस कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर जारी करें और उस पर कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करें, ताकि लोग फोन के माध्यम से आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें।
इसके अलावा जिला प्रशासन ने सिलेंडर बुकिंग से जुड़े नियमों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए SMS, बिलबोर्ड, रेडियो और अन्य माध्यमों से प्रचार-प्रसार करने की बात कही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गैस वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है और कालाबाजारी या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
