मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रांची के विधानसभा परिसर से 12 नए थाने का ऑनलाइन शिलान्यास किया. साथ ही 636 पेट्रोलिंग वाहन और 849 दो पहिया वाहन थाने को सौंपा. कुल स्वीकृत पेट्रोलिंग वाहन की संख्या 1255 है, जबकि 1697 दो पहिया वाहन स्वीकृत हैं. प्रथम चरण में 636 वाहन और 849 दो पहिया वाहन थाने को सौंपे गए. इसके साथ हो गृह विभाग के तहत विधि विज्ञान निदेशालय और झारखंड प्रयोगशाला रांची के वैज्ञानिक सहायक के पद पर चयनित कर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरण किया गया.
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि लंबे समय के बाद राज्य अलग होने के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में वाहन पुलिस विभाग को मिले हैं. ये पहला चरण है, दूसरा चरण अभी होना है. थाने की भी राज्य में संख्या बढ़ी और अपराध की भी संख्या बढ़ी है. ऐसे में तकनीकी सहयोग के साथ झारखंड पुलिस अपने आप को मजबूत करने में लगी है. उन्होने कहा कि आने वाले समय में राज्य में हो रहे घटनाओं पर पर लगाम लगाने के लिए पुलिस कटिबद्ध है और अपने आप को भी तराशने में लगी है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आगे कहा कि आपराधिक घटनाएं घटती है और ये घटनाएं शहर से लेकर गांव तक होता है. वहां तक पहुंच कर पुलिस और सरकार की जिम्मेदारी है. इन घटनाओं पर लगाम लगे, उसी कड़ी में घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बड़े पैमाने पर वाहनों का लोकार्पण हो रहा है. आज कई लोगों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किया गया है. कई घटनाओं में हमारी पुलिस ने फौरन उन घटनाओं का निस्तारण किया.
हेमंत सोरेन ने एक बच्चे के लापता होने की खबर का जिक्र करते हुए कहा कि हाल में पास में धुर्वा क्षेत्र से एक बच्चे के गायब होने की खबर आई, कुछ पता नहीं चल रहा था, न कोई सुराग पर पुलिस की तत्परता और ईमानदार प्रयास से बच्चे को भी ढूंढा गया और अंतर्राज्यीय गिरोह का भी पर्दाफाश किया गया. उन्होंने कहा कि राज्य के बाहर से भी अपराधी को ढूंढ कर लाया जाता है और सजा मिलती है. पुलिस की जो जिम्मेदारी है उसे हर हाल में उसे पूरा करना होगा, राज्य के सुरक्षा की जिम्मेवारी ही सौंपा गया है.
इस मौके पर डीजीपी तदाशा मिश्र ने कहा कि आज का दिन झारखंड पुलिस के लिए बड़ा दिन है. 12 जिलों में संयुक्त थाना भवन का शिलान्यास किया गया है, चार पहिया वाहन और दो पहिया वाहन थानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इतने बड़े स्तर पर वाहन उपलब्ध होने के एमरजेंसी रिस्पॉन्स में सुधार होगी. डायल 112 के प्रभाव क्षमता में बेहतर उपलब्धि होगी. पुलिस गश्त प्रभावी होगा विधि विज्ञान प्रयोगशाला को 9 विधि विशेषज्ञ मिल रहे हैं, जिससे अनुसंधान में गतिशीलता आएगी.
