कटिहार जिले से बड़ी संख्या में गौवंश तस्करी का मामला सामने आया है. जिले की आजमनगर थाना पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े और पशु तस्करी के रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस के अनुसार, बेरिया चांदपुर गांव के मुखिया मोहम्मद महबूब एक गौशाला चलाने की आड़ में बड़ी संख्या में गौवंश की तस्करी करता था. पुलिस जांच में सामने आया है कि मोहम्मद महबूब ने ‘SPCA’ (Society for Prevention of Cruelty to Animals) के नाम पर एक सोसाइटी बनाकर जब्त किए गए मवेशियों को गौशाला में रखने का जिम्मा लिया था, लेकिन वह गौवंश को अवैध रूप से बांग्लादेश तस्करी करता था. पुलिस ने आरोपी मोहम्मद महबूब को गिरफ्तार कर लिया है.
इस मामले में पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने बताया कि गौशाला की आड़ में तस्करी के पशु को दोबारा तस्करी करने का अवैध धंधा में संलिप्त आरोपी आजमनगर थाना क्षेत्र के मालिक टोला निवासी मोहम्मद महबूब आलम को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने बताया कि 13 मार्च को आजमनगर थानाध्यक्ष नीरज मिश्रा को पशु तस्करी की सूचना मिली थी, जिसमें कहा गया था कि ग्राम बैरिया चांदपुर, वार्ड संख्या-06 में स्थित गौशाला की आड़ में अवैध रूप से पशुओं की खरीद-बिक्री की जा रही है.
गांव के मुखिया मोहम्मद महबूब आलम पर आरोप लगाया गया था कि वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जिले के विभिन्न थानों में कांड में जब्त मवेशियों को जिम्मेनामा पर रखता है और बाद में उन्हें चोरी-छिपे बेच देता है. सूचना के सत्यापन हेतु पुलिस टीम द्वारा उक्त स्थल पर छापेमारी की गई. जांच के दौरान पाया गया कि गौशाला में कुल 270 मवेशी होने चाहिए थे, लेकिन 155 मवेशियों को बिना किसी कागजात एवं वैध साक्ष्य के अवैध रूप से तस्करी कर दिया गया था. इस संबंध में आजमनगर थाना कांड संख्या-112/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
