बेगूसराय सदर अस्पताल मे जिंदा का इलाज और मुर्दो को कुत्तों का निवाला बनने के लिए छोड़ दिया जाता है. सुनने मे ये किसी फिल्म का डायलॉग लग सकता है. पर यह 100 फीसदी सच है. इसकी झलक मंगलवार (24 मार्च) को देखने को मिली है, जब एक आवारा कुत्ता पोस्टमार्टम रूम के तरफ से एक मुर्दा के एक पैर को अपना निवाला बनाने के लिए भागते हुए देखा गया. हालांकि, मौजूद लोगो के द्वारा निवाला बनने से पहले इंसान के पैर को कुत्तों से बचा लिया गया. इंसानियत को शर्मसार करने वाली यह घटना अस्पताल प्रबंधन के संबेदनहीनता पर सवाल खड़ा करता है.
इंसानियत को शर्मसार कर देने एक इस तस्वीर को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि सदर अस्पताल प्रबंधन के पास संवेदनहीनता नाम की कोई चीज भी बची है. बेगूसराय सदर अस्पताल में लोग दूर-दराज से इलाज के लिए आते हैं, लेकिन अस्पताल में उनकी सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे है. अस्पताल परिसर से वायरल वीडियो में एक कुत्ता इंसान की लाश को पोस्टमार्टम रूम के तरफ से निकाल कर अपना निवाला बनाने के लिए ले जाता हुआ दिखाए पड़ रहा है. लोग बताते हैं कि जैसे तैसे उन्होंने कुत्ते से इंसान के शव को बचाया.
वहीं इस संबंध मे सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार ने बताया कि मीडिया के माध्यम से इस बात की जानकारी मिली है, जिसकी जांच के बाद ही वो कुछ भी कह पाएंगे. यह पैर किसका है? किस लाश का है? किसी को कुछ नहीं पता नहीं है. लेकिन जिस तरह एक कुत्ता एक इंसानी मांस को पोस्टमार्टम रूम से ले जाता दिखाई पड़ रहा है. यह लापरवाही नहीं बल्कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है. ऐसा लगता है की सदर अस्पताल में गरीबों की लाश की कोई इज्जत नहीं है.
