बिहार के जहानाबाद जिले से एक बेहद दर्दनाक और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां पुलिस की गाड़ी की चपेट में आने से एक मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया है. ग्रामीणों ने बच्ची के शव के साथ जहानाबाद-शकुराबाद मुख्य सड़क को घंटों जाम कर दिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर भी लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया. घटना परस बीघा थाना क्षेत्र के पहाड़ी बीघा गांव के पास की बताई जा रही है, जिसने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है.
मृत बच्ची की पहचान गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र के अमझर गांव निवासी सिंटू मांझी की करीब 6 वर्षीय पुत्री नंदनी कुमारी के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार, नंदनी शनिवार को अपने ननिहाल आई थी और रविवार को सड़क पार करने के दौरान डायल 112 की पुलिस गाड़ी ने उसे कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है.
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर बांस-बल्ले और झाड़ियां रखकर यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा उचित मुआवजे की मांग करने लगे. प्रदर्शन के दौरान राहगीरों के साथ भी तीखी नोकझोंक हुई. ग्रामीणों का कहना था कि जब सरकारी वाहन ही तेज रफ्तार और लापरवाही से चलेंगे, तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी.
सूचना मिलने पर सिकरिया थाना की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उग्र भीड़ ने पुलिस वाहन पर हमला कर दिया, जिससे पुलिसकर्मियों को वहां से पीछे हटना पड़ा. इसके बाद एएसपी मनोज कुमार पांडेय और सदर एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया गया और बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है. वहीं डीसीएलआर अबू अमला ने बताया कि परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है तथा इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
