नवादा पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है. इस गिरोह द्वारा संचालित एक बैंक खाते में 1 करोड़ 4 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है, जबकि कुल ठगी की राशि 10 करोड़ रुपये तक होने का अनुमान है. पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में नगर थाना क्षेत्र के कोनिया निवासी बालवीर प्रसाद को गिरफ्तार किया गया है.
आर्थिक अपराध इकाई बिहार, पटना से मिली सूचना के आधार पर साइबर थाना नवादा को "सोनाली एंटरप्राइजेज" नामक संदिग्ध बैंक खाते के माध्यम से विभिन्न राज्यों में हो रही साइबर ठगी की जानकारी मिली थी. सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया. इस टीम ने तकनीकी जांच, बैंकिंग विवरण, साइबर पोर्टल और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर गहन अनुसंधान शुरू किया. हेड क्वार्टर डीएसपी निशु मलिक और साइबर थाना प्रभारी प्रभा कुमारी ने प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी.
जांच में सामने आया कि बालवीर प्रसाद (लगभग 30 वर्ष, पिता सुखदेव चौहान) द्वारा संचालित इस खाते का उपयोग ऑनलाइन निवेश, शेयर मार्केट और अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह द्वारा किया जा रहा था. 8 मई 2026 को एसआईटी टीम ने कोनिया स्थित ठिकाने पर छापेमारी कर बालवीर प्रसाद को गिरफ्तार किया. पूछताछ में अभियुक्त ने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली. साइबर पोर्टल पर की गई जांच से पता चला कि इस बैंक खाते के विरुद्ध महाराष्ट्र और राजस्थान सहित कई राज्यों से लगभग 10 करोड़ रुपये की ठगी की शिकायतें दर्ज हैं.
गिरफ्तार अभियुक्त के खाते में कुल 1 करोड़ 4 लाख रुपये (40 लाख, 46 लाख, 18 लाख और 3 लाख रुपये) के संदिग्ध लेन-देन पाए गए. अभियुक्त ठगी की राशि प्राप्त करने और उसे आगे बांटने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था. साइबर थाना कांड संख्या 50/26 के तहत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की पहचान कर रही है. एसपी अभिनव धीमान ने बताया कि जिले में साइबर अपराध पर लगातार नजर रखी जा रही है और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. जल्द ही आगे की गिरफ्तारियां होने की संभावना है.
