राजधानी पटना के पूर्वी हिस्से में चलाए गए एक बड़े अभियान में पुलिस ने स्मैक और हथियार रखने के आरोप में तीन छात्रों को गिरफ्तार किया है. हैरानी की बात यह है कि ये तीनों युवक असल में पटना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने आए थे, लेकिन धीरे-धीरे वे स्मैक की तस्करी और हथियारों की सप्लाई के अवैध धंधे में शामिल हो गए. गिरफ्तार युवकों की पहचान 18 वर्षीय आशीष कुमार (सिमरी बख्तियारपुर निवासी), 18 वर्षीय सत्यम कुमार (सहरसा निवासी) और 22 वर्षीय राजा बाबू (सुपौल निवासी) के रूप में हुई है. गिरफ्तारी के समय राजा बाबू पटना के जैक्सन हॉस्टल में रह रहा था. पुलिस की जांच में पता चला है कि ये तीनों ही स्मैक और हथियारों, दोनों के सप्लायर की भूमिका निभा रहे थे.
रिपोर्ट्स के अनुसार, 26 मई की रात को मुसल्लापुर में सैदपुर नहर के पास तीन युवक पैदल चल रहे थे. ठीक उसी समय पुलिस की एक गश्ती टीम उस इलाके में वाहनों की जांच कर रही थी. पुलिस को देखते ही तीनों युवक भाग खड़े हुए. इससे अधिकारियों को उन पर शक हुआ और उन्होंने उनका पीछा करके उन्हें पकड़ लिया. तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से एक देसी पिस्तौल, जिंदा कारतूस, 22.14 ग्राम स्मैक, तीन मोबाइल फोन और ₹1,500 नकद बरामद किए. पूछताछ के दौरान तीनों ने कबूल किया कि वे स्मैक बेचने के धंधे में शामिल थे और 15 से 20 प्रतिशत कमीशन पर एक स्थानीय अपराधी को इसकी सप्लाई करते थे. इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें हथियार बेचने का भी प्रस्ताव मिला था.
पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि मुसल्लापुर-सैदपुर नहर के पास एक रूटीन चेकिंग के दौरान पुलिस को देखते ही तीनों संदिग्धों ने भागने की कोशिश की. पुलिस की घेराबंदी के बाद उन्हें पकड़ लिया गया और उनके कब्ज़े से हथियार के साथ-साथ स्मैक भी बरामद की गई. पूछताछ में आगे पता चला कि ये तीनों पिछले लगभग एक साल से पटना सिटी इलाके में स्मैक के धंधे में शामिल थे. फिलहाल, संदिग्धों से मिली जानकारियों के आधार पर पुलिस सरगना की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस को खुफिया जानकारी मिली है कि इस गिरोह का मुख्य आरोपी हाल ही में जेल से रिहा हुआ है और उसका आपराधिक इतिहास रहा है.
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