बेगूसराय में एक इंटरमीडिएट छात्र के अपहरण और बेरहमी से की गई हत्या के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने मुख्य आरोपी विकास कुमार और उसके साथी मोहित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी ने हत्या की बात कबूल कर ली और एक चौंकाने वाला खुलासा किया. बताया जा रहा है कि हत्या के पीछे का मकसद एक पुरानी रंजिश और पहले जेल में बिताए समय से उपजा गुस्सा था. यह घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कंकौल गांव में हुई थी, जहां 26 मई को रामोदय यादव के बेटे और इंटरमीडिएट के छात्र विकास कुमार का अपहरण कर लिया गया था. परिवार वालों की लगातार खोजबीन के बाद, 28 मई को खगड़िया जिले के बलदौर बहियार इलाके से छात्र का शव बरामद किया गया.
शव मिलने की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और गांव में गुस्से का माहौल बन गया. पुलिस की जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी विकास कुमार ने अपने साथी मोहित कुमार के साथ मिलकर छात्र को बहला-फुसलाकर उसके घर से बाहर बुलाया था. आरोपी मोहित कुमार ने बताया कि विकास कुमार ने उसे पैसे लेने के बहाने बलिया बुलाया था. उसने दावा किया कि उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि हत्या की साजिश रची जा रही है. विकास मेरा दोस्त था, उसने मुझसे कहा था कि उसे कुछ पैसे लेने हैं, इसीलिए उसने मुझे बुलाया था. मुझे नहीं पता था कि उसका इरादा हत्या करने का है. मौके पर पहुंचने के बाद उसने विकास की हत्या कर दी.
वहीं मुख्य आरोपी विकास कुमार ने पुलिस के सामने कबूल किया कि मृतक के पिता द्वारा लगातार केस और जेल भेजने की धमकी से वह परेशान था. आरोपी ने बताया कि कुछ दिन पहले उसने मृतक के भाई के नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर अश्लील तस्वीरें पोस्ट की थीं, जिसके बाद साइबर थाना में केस दर्ज हुआ था और उसे जेल जाना पड़ा था. इसी रंजिश में उसने पहले मृतक के पिता की हत्या की योजना बनाई, लेकिन मौका नहीं मिलने पर उसके बेटे को निशाना बना लिया. पुलिस के अनुसार, छात्र की गला दबाकर हत्या की गई और शव को खगड़िया जिले के बलदौर बहियार में फेंक दिया गया था. फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है.
