मुजफ्फरपुर पुलिस ने मुर्गा कारोबारी नौशाद आलम की हाल ही में हुई हत्या का मामला सुलझा लिया है. यह हत्या पीर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले गोविंदपुर छपरा चौर इलाके में हुई थी. इस जघन्य अपराध को तीन आरोपियों ने मिलकर अंजाम दिया था. उन्होंने पहले पार्टी देने के बहाने पीड़ित को फुसलाया, उसे खाना-पीना खिलाया और फिर एक बिजली के तार से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद उन्होंने शव को एक सुनसान जगह पर फेंक दिया और मौके से फरार हो गए. लेकिन, पुलिस ने मृतक के मोबाईल नम्बर पर हुई बातचीत से पूरा राज खुला गया.
30 अप्रैल को पीर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले गोविंदपुर छपरा चौर इलाके में मुर्गी व्यापारी नौशाद का शव मिला था. जब पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की, तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए. पुलिस की जांच से पता चला कि नौशाद की हत्या के पीछे पैसों के लेन-देन को लेकर हुआ विवाद और आरोपी की पत्नी के साथ उसके अवैध संबंध थे. पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहम्मद सिराज सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इस मामले पर प्रेस को जानकारी देते हुए ग्रामीण SP राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि नौशाद मूल रूप से कटहरा (वैशाली) का रहने वाला था, लेकिन वह पीर पुलिस स्टेशन इलाके में बस गया था, जहां उसके ससुराल वाले रहते थे. मृतक नौशाद और मोहम्मद सिराज दोस्त थे और मुर्गियों की बिक्री से होने वाली कमाई को लेकर उनके बीच विवाद हो गया था. इसके अलावा, सिराज की पत्नी का नौशाद के साथ अवैध संबंध था, जिस बात को लेकर सिराज के मन में काफी गुस्सा था.
