बिहार में बढते अपराध पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस को खुली छूट दे दी है. मुख्यमंत्री के आदेश पर पुलिसिया एक्शन साफ दिखाई दे रहा है. अपराधियों के खिलाफ पुलिस की ताबड़तोड़ कारवाई होते देख मुजफ्फरपुर के कुख्यात अपराधी भाईजी की हालत खराब हो गई और उसने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. वहीं अन्य फरार अपराधियों पर पुलिस का कहर देखने को मिला. पुलिस ने अन्य अपराधियों के घर में कुर्की की कार्रवाई करते हुए उनके घर का दरवाजा-खिड़की तक उखाड़ लिया.
दरअसल, सरकार का खुली छूट मिलते ही मुजफ्फरपुर पुलिस ने जिले भर के फरार अपराधियों पर ताबड़तोड़ कारवाई शुरु करते हुए घर की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई को अंजाम दिया. इस दौरान एक कुख्यात समेत दो अपराधियों ने आत्मसमर्पण कर दिया. जिसमें कुख्यात बदमाश भाईजी भी शामिल है. बताया जा रहा है कि हथौड़ी थाना की पुलिस जैसे ही कुख्यात प्रेम कुमार उर्फ टाइगर उर्फ भाईजी के घर की कुर्की करने पहुंची, वैसे ही उसने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया.
भाईजी पर हत्या और रंगदारी के 15 मामला दर्ज हैं. उसके ऊपर मुजफ्फरपुर के चार थानों में अपराधिक मामला दर्ज हैं तो सीमावर्ती जिला सीतामढ़ी में भी अलग-अलग थानों में 11 मामले दर्ज हैं. पुलिस उसे लंबे समय से तलाश कर रही थी. भाईजी के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस राहत की सांस ली है.
इसी तरह से कांटी थाना की पुलिस जब अपराधी विकास कुमार के घर पर कुर्की करने पहुंची तो कुर्की की प्रक्रिया चालू होने से पहले उसने भी आत्मसमर्पण कर दिया. इससे पुलिस को कुर्की की कारवाई बीच में ही रोकनी पड़ी. अपराधी विकास कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है.
इस पूरे मामले में एसडीपीओ पूर्वी अलय वत्स ने बताया कि फरार अपराधियों के खिलाफ कुर्की की कारवाई की गई है. मुजफ्फरपुर और इसके सीमावर्ती जिला में आतंक मचाने वाले कुख्यात अपराधी प्रेम कुमार उर्फ टाइगर उर्फ भाईजी के घर की कुर्की करने के दौरान उसने आत्मसमर्पण कर दिया है. कांटी में भी अपराधी विकास कुमार ने आत्मसमर्पण कर दिया है. दोनों को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
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