ड्रग्स खरीदने के लिए रखे गए थे 25 लाख, पुलिस ने पकड़ा और मैनेज करने के लिए लिया 35 लाख! अब गले की हड्डी बनी दोहरी जांच

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मोतिहारी पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि पटना की तरफ से ड्रग्स का रुपया लेकर तस्कर आ रहे हैं. पुलिस को खबर देने वाला पुलिस का स्पाई मोहम्मद था. सूचना के बाद चकिया टॉल प्लाजा पर सदर पुलिस की टीम ने एक गाड़ी के तहखाने से करीब 25 लाख रुपया बरामद किया. हालांकि, पुलिस ने रुपया की बरामदगी तुरकौलिया थाना क्षेत्र दिखाकर सभी को तुरकौलिया थाना में बंद कर दिया. घटना करीब 25 मई की है. सूत्रों ने बताया कि खेल अब यहीं से शुरू हुआ. पकड़ा गए 4 तस्करों में दो नेपाल के और दो आदापुर के काफी सम्पन्न लोग थे. लिहाजा, मोलजोल शुरू हो गया.

इस दौरान एसपी ने तुरकौलिया थाना को एफआईआर दर्ज करने को बोला, तो दो दिन तक तुरकौलिया थाना अध्यक्ष एसपी को ही टहलाते रहे. एसपी ने फिर से थानाध्यक्ष को धारा के साथ बताया कि इन धारा में एफआईआर दर्ज करो, इस बीच एसपी ने डीजीपी के वीसी में ड्रग्स की पैसा बरामदगी और गिरफ्तारी की सूचना दे दिया पर थानाध्यक्ष ने एफआईआर दर्ज नहीं किया था. अब जब यह जानकारी एसपी को हुआ, तो उन्होंने थानाध्यक्ष से लेकर अन्य अधिकारी को जमकर हड़काया तब एफआईआर दर्ज हुआ. 

दरअसल, एफआईआर दर्ज नहीं होने के पीछे की वजह अब चर्चा में है. बताया जा रहा है कि 35 लाख रुपया कथित तस्करों को बचाने के लिए वरीय अधिकारी के नाम पर और दो लाख रुपया कथित तौर पर थानाध्यक्ष के गले के चेन के नाम पर लिया गया था. एफआईआर दर्ज नहीं होने पर एसपी ने थानाध्यक्ष को खूब डांट पिलाया था, जिसके बाद 28 मई को एफआईआर दर्ज हुआ था. अब जब एफआईआर दर्ज हो गया, तो तस्करों का शुभचिंतक जायसवाल नाम का व्यक्ति पटना के पुलिस महकमे के एक बड़े साहब तक मामला पहुंचाया कि कैसे तस्करों से 35 लाख रुपया लिया गया है, फिर क्या था पटना के आलाधिकारी ने आर्थिक अपराध इकाई की टीम को जांच करने के लिए मोतिहारी भेजा.

इधर मोतिहारी एसपी ने भी प्रशिक्षु डीएसपी ऋषभ से अपना जांच शुरू करवा दिया. जब आर्थिक अपराध इकाई और मोतिहारी पुलिस ने दोहरी जांच शुरू कर दिया, तो तस्करों को बचाने के नाम पर पैसा लेने वाले का हाथ पांव फूल गए. फिर दो किस्तों में तस्करों का 35 लाख रुपया शर्मा नाम के व्यक्ति ने पिछले सप्ताह लौटाया फिर कथित तस्करी के पैसा मामले में गिरफ्तार हुए लोगों के बयान का वीडियो बनाया गया, जिसमें वो बोल रहे हैं कि मेरा कोई पैसा किसी के पास नहीं है. हम भूलवश रुपया लेने का शिकायत कर दिए थे. 

हालांकि, जांच अब शर्मा और इरफान नाम के व्यक्ति के इर्दगिर्द घूम रहा है. शर्मा का एक पुलिस अधिकारी से कैसा रिश्ता है? उसने कहां से और क्यों लौटाया है 35 लाख रुपया? पुलिस जांच में यह बात भी सामने आया है कि पैसा हजारीबाग से लाया जा रहा था. जबकि, गिरफ्तार लोगों ने झूठ बोला था कि मनी एक्सचेंज का पैसा है, जो पटना से लाया गया है.

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